इलेक्ट्रीशन पर शराब कारोबारी ओर साथियो ने किया हमला:हत्या के प्रयास का मामला,शराब करोबारी के कर्मचारी ने भी लिखाई मारपीट की रिपोर्ट,पूर्व केस में चल रहा है विवाद

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के चंदन नगर में एक शराब कारोबारी ओर उसके तीन साथियों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। इधर शराब कारोबारी के कर्मचारी पर भी हमले को लेकर पुलिस ने कारवाई की है। शराब कराेबारी पर पूर्व में भी कई अपराध दर्ज है। हमला एक इलेक्ट्रीशन पर किया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। एमवाय के आईसीयू में उपचार चल रहा है। चंदन नगर पुलिस के मुताबिक संतोष सोनपाल निवासी राजनगर की शिकायत पप्पू खटीक निवासी राजनगर उसके साथी घनश्याम,सचिन निवासी दिग्विजयनगर मल्टी ओर सोनू उर्फ काला निवासी गांधी नगर के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले में केस दर्ज किया गया है। संतोष ने बताया कि पूर्व के एक न्यायलय के केस में पप्प्ू से विवाद चल रहा है। गुरूवार को पप्पू का कॉल आया। जिसमें उसने कहां कि विवाद खत्म कर लेते है। गायत्री डेयरी चौराहे पर मिलने आ जाए। संतोष यहां अकेला पहुंचा। इसके बाद पप्पू ने विवाद कर दिया आैर कहां कि तुम मेरे काम धंधे के बीच आते हो। इसके बाद पप्पू ने कहां कि इसे जान से खत्म कर दो। इस पर सोनू उर्फ काला ने संतूर जैसा हथियार निकाला ओर संतोष के सिर पर वार कर दिया। जिसमें उसका सिर बुरी तरह से फट गया। यहां संतोष पर बाकि लोगो ने भी मारपीट कर दी। जिसके बाद आसपास के लोगो ने उसे बचाया। बाद में वह चंदन नगर थाने पहुंचा। जिससे गंभीर चोट होने के चलते उसे एमवाय भेज दिया गया। पुलिस ने शराब कारोबारी ओर उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी है। शराब दुकान कर्मचारी ने भी पीड़ित पर कराया केस इस मामले में शराब दुकान से जुडें आशीष पुत्र लक्ष्मीनारायण निवासी राजनगर ने बताया कि वह फर्नीचर का काम करता है। ओर समय बचता है तो पप्पू खटीक की शराब दुकान पर भी जाकर काम कर लेता है। इससे उनसे अच्छी पहचान है। गायत्री नगर चौराहे पर गुरूवार को संतोष सोनपाल ने भाई साहब पप्पू खटीक को अपशब्द कह रहा था। आशीष ने बताया कि संतोष को इस बात से रोका तो उसके साथी राहुल ओर हरीश भी विवाद करने लगे। तीनो ने मिलकर चाकू से सिर में मारा। जिसमें सिर में चोट आ गई। बाद में मेडीकल के लिये अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामले में संतोष,उसके साथी हरीख ओर राहुल पर 308 के तह्त केस दर्ज किया है। जिसमें पीड़ित की जान भी जा सकती थी।

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