युग पुरुष धाम ने बच्चों को डिहाइड्रेशन सहित अन्य बीमारियों और संख्या से अधिक बच्चों को रखने के मामले में प्रशासन के शोकॉज नोटिस का जवाब दे दिया है। कलेक्टर आशीषसिंह ने कहा कि वहां अब तक 10 बच्चों की मौत हुई है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई थी। उस कमेटी ने भी रिपोर्ट दी है।
रिपोर्ट में लिखा है कि युग पुरुष धाम संस्था ने लापरवाही की है। कुछ बच्चों के शव को बिना पोस्टमार्टम किए ही परिजनों को सौंप दिया गया है। यह गंभीर लापरवाही है। संस्था के बायॅलॉज के आधार पर संस्था के अध्यक्ष, सचिव और संचालिका को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं।
बच्चों की मौत के वास्तविक कारण पीएम नहीं होने के कारण पता नहीं चल सका। फिलहाल कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। बाल आयोग और शासन को भी यह रिपोर्ट भेजी जाएगी।
संस्था 15 सालों से काम कर रही है। संस्था को चूंकि अनुदान की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। उसी दायरे में कार्रवाई की गई है। यदि आयोग या शासन से आपराधिक कार्रवाई के आदेश मिलेंगे तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन्दौर जांच कमेटी की मिली अंतिम रिपोर्ट के बाद कलेक्टर आशीष सिंह सकते में हैं। उन्होंने अंतिम रिपोर्ट हाथ में आते ही तत्काल विभाग को आदेश देकर आश्रम की संचालिका अनिता शर्मा के साथ ही आश्रम की अध्यक्ष जान्हवी पवन ठाकुर और उनके पिता व संस्था के सचिव तुलसी शादीजा को पद से हटा दिया है। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह के आदेश के बाद हटाया गया
