इंदौर में 7 ट्रेवल्स एजेंसियों के ऑफिस सील, 6 बसें की जब्त, लंबी दूरी की बस ऑपरेटरों पर सख्ती

By Abhishek Raghuvanshi
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यह पहली बार था जब हंस ट्रेवल्स के कार्यालय पर प्रशासन की टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। इसके अलावा अशोक ट्रेवल्स, मुलातानी सोना ट्रेवल्स, एसकेटी ट्रेवल्स, सिटी लिंक ट्रेवल्स, शताब्दी ट्रेवल्स और सिटीजन ट्रेवल्स पर कार्रवाई की गई।
लंबी दूरी की बसों का शहर में रूकेगा प्रवेश।
संचालकों को एक माह का दिया था समय।
कलेक्टर द्वारा गठित समिति ने की कार्रवाई।

इंदौर। लंबी दूरी की बसों का संचालन शहरी सीमा के बाहर से करने के लिए ट्रेवल्स संचालकों को एक माह का समय दिया था। तय अवधि के बाद भी बसों का संचालन बाहर से नहीं करने पर गुरुवार को प्रशासन द्वारा गठित समिति द्वारा कार्रवाई की गई। इसमें सात ट्रेवल्स के कार्यालय सील किए गए और छह बसों को जब्त किया गया।

कलेक्टर आशीष सिंह ने तीन दिन की मोहलत दी
सुबह कार्रवाई के बाद बस संचालकों ने शहर के बाहर से बस संचालन का लिखित आश्वासन दिया, तो प्रशासन ने शाम को इनके कार्यालय खोल दिए। कलेक्टर आशीष सिंह ने बसों को बाहर से संचालित करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी है।
शहर में यातायात सुगमता के लिए लंबी दूरी की बसों को शहर से बाहर किया जाना है। जिला प्रशासन द्वारा विगत दिनों शहर में अवैध बस स्टैंड और बसों के संचालन पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों की समिति गठित की थी।

बस संचालकों के कार्यालय सील कर दिए
समिति ने गुरुवार को छोटी ग्वाल टोली और साउथ तुकोगंज क्षेत्र में कार्रवाई कर बस संचालकों के कार्यालय सील कर दिए। एसडीएम धनश्याम धनगर ने बताया कि सात बस संचालकों के कार्यालय पर कार्रवाई की गई। उक्त ट्रेवल्स के संचालकों को एक माह में शहर के बाहर से संचालन करने के निर्देश दिए थे। समय पूरा होने के बाद भी बसों का संचालन शहर से किया जा रहा था।

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बसों से जुर्माना वसूला गया
आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जब्त की गई छह बसों से 60 हजार रुपये जुर्माना वसूलकर छोड़ा गया। हंस ट्रेवल्स पर पहली बार कार्रवाईसाउथ तुकोगंज स्थित ढक्कनवाला कुआ के पास संचालित हंस ट्रेवल्स द्वारा बस स्टैंड संचालित किया जाता है। यहां पर दिनभर बसों का आना जाना लगा रहता है।

पिकअप पाइंट भी करने होंगे बंद
लंबी दूरी की बसों का शहर में प्रवेश पूरी तरह से बंद होगा। इसके अलावा रिंग रोड और एबी रोड के पिकअप पाइंट भी बंद करने होंगे। लगैज की बुकिंग भी शहरी सीमा में नहीं होगी। शहर में ट्रेवल्स सिर्फ अपने बुकिंग कार्यालय ही संचालित कर सकेंगे और यात्रियों को वाहन से बायपास तक कार्यालय पहुंचाना होगा।

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