इंदौर में 10 साल की बच्ची को बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है। बच्ची के चेहरे और कान पर चोट के निशान हैं। उसे रेस्क्यू कर मेडिकल चेकअप के बाद शेल्टर होम में रखा गया है।
बच्ची को लसूडिया थाना क्षेत्र के निपानिया स्थित स्पेस पार्क में बी ब्लॉक के फ्लैट नंबर 213 से छुड़ाया गया है। गुरुवार रात पड़ोसियों ने एनजीओ ‘आस’ को सूचना दी थी कि इस फ्लैट में रहने वाले मानवेंद्र सिंह और उनकी पत्नी कुछ महीने पहले बच्ची को किसी गांव से लाए हैं। वे उससे घर का काम करवाते हैं। कई बार उसके रोने-चिल्लाने की आवाज आती है।
एक कोने में डरी-सहमी बैठी थी
पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस, श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन और संस्था आस की टीमें मौके पर पहुंचीं। यहां देखा कि बच्ची फ्लैट में एक कोने में डरी-सहमी बैठी थी। उसके चेहरे पर नाखून के निशान और कान में चोट थी। कान की चोट पर हल्दी लगी थी।
पूछने पर उसने बताया कि यह चोट नल से लगी है जबकि नाखून के निशान को लेकर वह कुछ नहीं बोली। बच्ची ने बताया कि वह सीधी के एक गांव की रहने वाली है। माता-पिता खेत में मजदूरी करते हैं। 6 भाई-बहन हैं।
घर के काम के साथ बच्ची को संभालती है
बालिका ने बताया कि वह घरेलू काम करने के साथ ही दंपती की डेढ़ साल की बच्ची को भी संभालती है। मानवेंद्र सिंह की पत्नी उसे गांव से साथ लाई थी। उससे पहले दंपती बड़ी बहन को लाए थे, लेकिन कुछ दिन रहने के बाद उसने मना कर दिया। इसके बाद महिला ने बच्ची के पिता से बात की और उसे यहां ले आई।
टीम को पूछताछ में पता लगा कि बालिका स्कूल भी नहीं जाती है और न ही उसका आधार कार्ड है।
सूचना देकर पिता को इंदौर बुलाया
रेस्क्यू टीम ने रात में ही बालिका का मेडिकल कराकर शेल्टर होम पहुंचाया। टीम को आशंका है कि बालिका डर के कारण झूठ बोल रही है। उसकी काउंसिलिंग की जा रही है।
उसके पिता को सूचना देकर इंदौर बुलवाया गया है। दंपती से भी पूछताछ की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, बच्ची, पिता और दंपती के बयान के बाद ही सारी स्थिति स्पष्ट होगी।
तीन साल की हो सकती है जेल
हाईकोर्ट में वकील पंकज वाधवानी ने बताया कि किशोर अधिनियम 2015 की धारा 75 के अनुसार यदि बच्चे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति उसे चोट पहुंचाता है, अकेला छोड़ देता है उसके साथ दुर्व्यवहार करता है, उसे खतरे में डालता है या उसकी उचित देखभाल नहीं करता है। ऐसे ही इससे बच्चे को मानसिक या शारीरिक रूप से कष्ट हो सकता है तो उस व्यक्ति को तीन साल तक की जेल हो सकती है। जुर्माना लगाया जा सकता है।
