इंदौर की ऐतिहासिक इमारत केईएम बिल्डिंग में हैलोवीन पार्टी करने वाला जैन सोशल ग्रुप एलिगेंट इन दिनों चर्चा में आ गया है। ग्रुप में मेंबरशिप के लिए प्रति कपल सालाना 45 हजार रुपये लिए जाते हैं। इस दौरान सालभर 10 बड़ी पार्टियों का आयोजन होता है।
जैन सोशल ग्रुप एलिगेंट में करीब 97 कपल मेंबर हैं।
इसमें 50 वर्ष तक की आयु के लोग भी सदस्य हैं।
संपूर्ण समाज में हैलोवीन पार्टी की निंदा हो रही है।
इंदौर। ऐतिहासिक धरोहर केईएम बिल्डिंग में हैलोवीन पार्टी कर चर्चा में आए जैन सोशल ग्रुप एलिगेंट की डॉक्टरों के साथ ही समाज के संत भी निंदा कर रहे हैं। क्योंकि इस तरह की पार्टी होना कोई भी स्वीकार नहीं कर पा रहा है। जिस ग्रुप एलिगेंट द्वारा यह पार्टी आयोजित की गई थी, उसकी सालाना मेंबरशिप फीस 45 हजार रुपये हैं। उपरोक्त फीस प्रति कपल ली जाती है। इससे ग्रुप द्वारा वर्षभर में पुल पार्टी, नाइट आउट, हैलोवीन, डांस जैसी 10 पार्टियां आयोजित होती हैं। इसमें पार्टी की थीम के हिसाब से ग्रुप के सदस्य तैयार होकर आते हैं। बता दें कि इस ग्रुप में करीब 97 कपल सदस्य हैं। इनमें शहर के बड़े राजनेता, शिक्षाविद, डॉक्टर, बिजनेसमैन आदि शामिल हैं। इस ग्रुप में सिर्फ युवा ही शामिल नहीं हैं, इसमें 50 वर्ष तक की आयु के लोग भी सदस्य हैं।
ग्रुप का स्पष्टीकरण नहीं आ रहा रास
घटना को लेकर मेडिकल कालेज डीन डॉ. संजय दीक्षित ने ग्रुप से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसमें वह इस तरह की पार्टी होने से इंकार कर रहा है। यह जवाब किसी को भी रास नहीं आ रहा है, क्योंकि इस पार्टी की फोटो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है, जिसमें अक्षय कांति बम सहित कई लोग नजर आ रहे हैं।
जैन संत ने भी की थी हैलोवीन पार्टी की निंदा
बता दें कि दिगंबर जैन संत मुनि प्रमाण सागर ने भी उक्त पार्टी को लेकर कहा था कि संगठन के नाम पर संस्कृति-परंपरा को छिन्न-भिन्न करना अच्छी बात नहीं है। हैलोवीन पार्टी घोर निंदनीय है, यह हमारी संस्कृति के अनुकूल नहीं है। पार्टी में भूत की आकृति बनाकर भूत जैसा कृत्य करोगे तो मरने के बाद भूत बनोगे।
यह है पूरा मामला
जैन सोशल ग्रुप एलिगेंट ने शहर में मेडिकल कॉलेज की पुरानी इमारत केईएम बिल्डिंग में हैलोवीन पार्टी का आयोजन किया था। इस दौरान यहां करीब 200 लोग पहुंचे थे। पार्टी के लिए इमारत को भूतहा महल बना दिया गया था। यहां पहुंचने वाले लोग भी भूतों की पोषाक में पहुंचे थे। इस पार्टी की तस्वीरें सामने आने के बाद डॉक्टरों ने इसका जमकर विरोध किया।
