इंदौर में लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लगी हुई थी और इसी के चलते मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई पूरी तरह से बंद हो गई थी लेकिन अब आचार संहिता हटने के बाद पहली दफा पुलिस मुख्यालय पर जनसुनवाई शुरू हुई है जिसमें संपत्ति और पारिवारिक विवाद सहित अन्य छोटे-मोटे मामलों को लेकर शिकायतें सामने आई है
इंदौर में पुलिस जनसुनवाई को लेकर एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह के मुताबिक पारिवारिक और आपसी विवाद के साथ ही जमीनी विवादों की शिकायतें सुनी गई है जिन्हें संबंधित विभागों और थाने स्तर पर हस्तांतरित कर कार्रवाई को लेकर दिशा निर्देश दिए गए हैं थाने पर पीड़ितों की सुनवाई न होने और जनसुनवाई की और रुख करने के प्रश्न पर उन्होंने सॉफ्टवेयर पर कहा कि थाने पर भी सनी होती है लेकिन कई ऐसे मामले होते हैं जिसमें थाने स्तर पर भी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि पुलिस के भी अपने डेरे हैं जैसे की जनसुनवाई में एक ऐसा मामला आया जिसमें बताया गया कि ओवरलोडेड ट्रक द्वारा रोड पर लगे हुए खंबे को नुकसान पहुंचाया गया जिसके कारण खंभात टेढ़ा हो गया अब यह संपत्ति संबंधित अपराध है जिसमें पुलिस अपने दायरे में देकर काम कर सकती है और संबंधित अन्य विभाग इसमें संज्ञान ले सकते हैं और इसी के चलते थाने स्तर पर लोगों को इस तरह की शिकायतों को लेकर अन्य दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके
