इंदौर पार्षद मनीष मामा शॉर्ट फिल्म में बने भिखारी:MIC सदस्य ने भिक्षावृती रोकने किया अभिनय; कहा- शहर हित में हर भूमिका निभाने को तैयार

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read

नगर निगम शहरी गरीबी उपशमन विभाग के प्रभारी और भाजपा नेता मनीष शर्मा ने भिक्षुक मुक्त इंदौर अभियान को प्रोत्साहित करने और भिक्षावृत्ति रोकने के लिए के लिए अनूठी पहल की है। उन्होंने इसके लिए एक शॉर्ट फिल्म बनाई है। जिसमें वे भिक्षुक का अभिनय करते हुए केन्द्र सरकार के स्माइल प्रोजेक्ट के तहत भिक्षा मांगने वालों को मुख्यधारा से जोड़ने वाली योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं। शॉर्ट फिल्म में शर्मा ने फटी बनियान पहन भिक्षुक का अभिनय किया है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन काफी समय से इंदौर में भिक्षावृत्ती को रोकने के लिए प्रयास कर रहा है।
एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने कहा कि, इंदौर की जनता के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं। शहर हित में कोई भी भूमिका निभाने के लिए हूं तैयार। शर्मा की यह शॉर्ट फिल्म सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वहीं दूसरी ओर इंदौर में भिक्षुक अभियान के दौरान रेस्क्यू किए गए भिखारियों के पास हजारों रुपए मिल रहे हैं।
मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य प्रदेशों से भिखारी यहां आकर भिक्षावृत्ति कर रहे हैं। बता दें कि इंदौर में भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए कलेक्टर आशिष सिंह ने भी आदेश जारी किए है। कलेक्टर आशीष सिंह ने एक जनवरी 2025 से भिक्षुकों को भिक्षा देने वालों के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का कहा है। यह कार्रवाई भारतीय भिक्षावृत्ति निरोधक अधिनियम की धारा 163 के तहत की जाएगी।
मोदी सरकार की योजना का प्रचार
शर्मा ने बताया कि मोदी सरकार ने भिक्षुकों को पुनर्वास और स्वरोजगार देने के लिए कौशल विकास केंद्र खोलना आरंभ किया है। इसी का प्रचार फिल्म में किया जा रहा है। मैंने एक भिक्षुक का रोल किया है, जो अपने साथी के साथ भिक्षा मांगने के बजाय योजना के बारे में जानकारी देकर जागरूक कर रहे हैं।
देश के दस शहरों में भिक्षुक मुक्त अभियान
मोदी सरकार ने महानगरों में चौराहों पर भीख मांगने वाले भिक्षुकों के लिए ‘स्माइल परियोजना’ शुरू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत पहले चरण में इंदौर एवं उज्जैन का चयन हुआ है। इंदौर में इस योजना के तहत नगर निगम को 8.46 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता मिलने जा रही है, जिसमें डेढ़ करोड़ रुपए हाल ही में मिले हैं। इंदौर में अभियान के तहत 2 करोड़ रुपए में कौशल प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे।
भिखारी इंदौर में कर रहे अच्छी खासी कमाई
इंदौर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाने के लिए प्रशासन लंबे समय से प्रयास कर रहा है। अभियान चलाने के बावजूद भिक्षुक शहर में देखे जा सकते हैं। अब अन्य राज्यों से लोग यहां आकर भिक्षा मांगकर अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुछ माह से भिक्षुक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें अब 25 से अधिक भिक्षुक ऐसे मिले हैं, जिनके पास से 10 हजार से लेकर 75 हजार रुपए तक मिले हैं।
रेस्क्यू अभियान में ऐसे भिक्षुक भी मिले हैं, जो गिरोह बनाकर भिक्षावृत्ति में लिप्त थे। 26 दिसंबर को भिक्षावृत्ति में लिप्त महिला के पास 45 हजार और एक व्यक्ति के पास 20 हजार रुपए मिले थे। भिक्षुक आंध्र प्रदेश के कुर्नूल से इंदौर आया था। दो माह पहले विभाग ने बुजुर्ग महिला को राजवाड़ा के पास भिक्षा मांगते पकड़ा था। उसके पास से करीब 75 हजार रुपए मिले थे। फरवरी में पकड़ी गई महिला से पता चला कि उसने भिक्षा मांगकर छह महीने में ढाई लाख रुपए की कमाई की। पाली से भी भिक्षुक आते हैं।

Exit mobile version