मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में पिछले दिनों महू से एक निरंजन प्रधान नामक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जिसकी गिरफ्तारी के बाद भी कई राज्यों के फरियादी इंदौर क्राइम ब्रांच ऑफिस में दस्तक देते हुए नजर आ रहे हैं पूरा मामले में पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के लोगों के साथ की थी लाखों रुपए की धोखाधड़ी पुलिस ने 10 से ज्यादा बैंक अकाउंट सीज किए हैं…।
दरअसल या धोखाधड़ी एक या 6 महीने में कार्य नहीं हुई है सालों से पकड़ा निरंजन प्रधान द्वारा लोगों को मोटिवेशनल स्पीकर बात कर लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटना को कर रहा था पूरे मामले में क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि आरोपी निरंजन प्रधान को गिरफ्तार किया गया था और चार दिन की डिमांड पर कई सबूत एकत्रित किए गए थे उसके खिलाफ लेकिन अब सोशल मीडिया और खबरों के माध्यम से लगातार फरियादी उनके पास पहुंच रहे हैं और उनकी भी शिकायतें ली जा रही है जो मामला लाखों की धोखाधड़ी का था अब वह करोड़ तक पहुंच चुका है दोबारा माननीय न्यायालय में सबूत के आधार पर दोबारा से निर्माण लिया जाएगा तो वहीं उसके जो 10 बैंक अकाउंट है उन्हें भी सीरीज कर दिया गया और उसकी आवे संपत्तियां जो इसने धोखाधड़ी से कमाई है उसे पर भी कार्रवाई के लिए जांच की जाएगी
इसी के साथ कोलकाता से आई महिला का कहना था कि वह कोलकाता में छोटा-मोटा काम कर अपना रोजगार चल रही थी लेकिन निरंजन प्रधान द्वारा स्वयं को आर्मी का डॉक्टर बढ़कर उनके साथ लाखों की धोखाधड़ी की है कुछ रुपया तो वापस आया था लेकिन अभी भी 6 लाख से अधिक रुपया लेना बाकी है और इंदौर क्राइम ब्रांच ने काफी मदद कर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया है
मध्य प्रदेश में रहने वाले मनोज जोशी का कहना है कि उनसे 10 से 12 साल हो गए हैं और निरंजन प्रधान से जुड़े हुए थे कुछ रुपया तो उन्हें वापस आया है लेकिन अभी भी उन्हें लाखों रुपए लेना बाकी है और लालच के कारण लगातार वह रुपया लगाते रहे
