इंदौर के सिमरोल थाना पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए जीजा साले को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के सिमरोल थाना क्षेत्र में एक पेड़ पर टंगी हुई लाश पिछले दिनों पुलिस को मिली थी इस पूरे ही मामले में पुलिस ने आत्महत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया लेकिन जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को कई तरह के तथ्य मिले उसके आधार पर जांच की तो यह पूरा मामला हत्या का निकला और इस पूरे ही मामले में पुलिस ने जीजा साले को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया और पूरे मामले में काफी बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है।

पूरा मामला इंदौर के सिमरोल थाना क्षेत्र का है सिमरोल थाना क्षेत्र में में पिछले दिनों शोभाराम उर्फ शुभम बरडे की लाश एक जंगल में पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली थी इसके बाद पुलिस ने पूरे ही मामले में जांच पड़ताल करते हुए दो आरोपी आशीष राजपूत ,ओमप्रकाश डाबी को पकड़ा ,वही जांच पड़ताल में बताया जा रहा है की मृतक शोभाराम पूर्व में आरोपी आशीष केलवा निवासी सिमरोल के ही घर में रहता था तथा खेती का काम करता था ‌। इस दौरान मृतक शोभाराम ने आरोपी आशीष की बहन दीपा को डरा धमका कर अवैध संबंध बनाए थे। दीपा की शादी हो जाने के बाद भी मृतक शोभाराम दीपा को व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज एवं कॉल कर शारीरिक संबंध बनाए रखने के लिए दबाव डाल रहा था। इसके बारे में दीपा ने जब अपने पति ओम प्रकाश को बताया तथा ओमप्रकाश ने अपने साले आशीष को शोभाराम की करतूत के बारे में बताया था ‌। ओम प्रकाश अवैध संबंध की बात जानकर बहुत गुस्से में था। शोभाराम से बदला लेने के लिए आरोपी आशीष एवं ओमप्रकाश ने शोभाराम को जान से मारने के लिए प्लान बनाया था। प्लान के मुताबिक आरोपी आशीष ने शोभाराम को पानी की मोटर बेचने का लालच देकर स्वयं के मेमदी रोड स्थित खेत पर बुलाया था। जहां पर अन्य आरोपी ओमप्रकाश पहले से ही उपस्थित था। आरोपीयो ने मृतक शोभाराम को पानी की मोटर दिखाने के लिए खेत पर बने कमरे के अंदर ले गए जहां पर आरोपियों ने शोभाराम का गला रस्सी से दबाया दिया जब शोभाराम बेहोश हो गया तो आरोपियों ने उसके मुंह में जबरदस्ती से शराब डाल दी। आरोपी आशीष ने शोभाराम को उसके द्वारा लाई गई कार की डिग्गी में बंद करके बाईपास पर ले गया जहां निर्माण धीन पुलिया के नीचे शोभाराम को बेहोशी की हालत में उतारा उस समय शोभाराम की सांसे चल रही थी। आरोपियो ने अपने साथ लाई गई रस्सी से शोभाराम के गले में फंदा डालकर रस्सी ऊपर खींचकर शोभाराम को फांसी पर टांग कर उसकी हत्या कर दी एवं रस्सी पुलिया पर लगे लोहे के सरिया से बांधकर शोभाराम को लटका दिया जिससे लोगों को लगे कि शोभाराम ने शराब के नशे में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले में जांच पड़ताल करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और पूरे मामले का खुलासा कर दिया वहीं पुलिस को इस पूरे हत्याकांड का खुलासा करने में तकरीबन 8 से 10 दिनों का समय लगा इस दौरान पुलिस ने शोभाराम और आरोपियों कॉल रिकॉर्डिंग के साथ ही अलग-अलग तरह से जांच की और जांच के बाद ही पुलिस दोनों आरोपियों तक पहुंची और पूरे मामले में जब उनसे सख्ती से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।

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