इंदौर के नौलखा और तीन इमली बस स्टैंड से चलने वाली बसें नायता मुंडला से होंगी संचालित

By Abhishek Raghuvanshi
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  • 16 फरवरी से शुरू होगा नायता मुंडला बस स्टैंड, 12 को बस आपरेटरों के साथ बैठक।
  • शहर में यातायात सुगमता के लिए आइडीए द्वारा नायता मुंडला में बस स्टैंड का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
  • अब नौलखा और तीन इमली बस स्टैंड से चलने वाली बसें यहां से चलेंगी।
  • नौलखा और तीन इमली से चलने वाली करीब 800 बसों का शहर में प्रवेश बंद हो जाएगा।

शहर में यातायात सुगमता के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) द्वारा नायता मुंडला में बस स्टैंड का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसे 16 फरवरी से शुरू किया जाएगा। अब नौलखा और तीन इमली बस स्टैंड से चलने वाली बसें यहां से चलेंगी। गुरुवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने बस स्टैंड का दौरा किया। इसके शुरू होने के बाद नौलखा और तीन इमली से चलने वाली करीब 800 बसों का शहर में प्रवेश बंद हो जाएगा। बसें पालदा से आरई-2 से होते हुए नायता मुंडला पहुंचेंगी। नायता मुंडला बस स्टैंड परिसर का 12 फरवरी को बस आपरेटर और प्रशासन की टीम निरीक्षण करेगी। यहां बस आपरेटरों के साथ प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें बस संचालन पर चर्चा की जाएगी।

करेंगे लोक परिवहन के साधनों की व्यवस्था
नायता मुंडला स्थित बस स्टैंड तक लोगों की आसान पहुंच के लिए लोक परिवहन के साधनों की सुविधा जुटाई जाएगी। वर्तमान में यहां गिनी-चुनी सिटी बसें ही चलती हैं। ई-रिक्शा के साथ सिटी बसों की संख्या बढ़ाकर आवागमन आसान बनाया जाएगा। यहां से शहर के सभी क्षेत्रों तक लोक परिवहन के साधनों की सुविधा जुटाने की योजना है।
16 फरवरी से बस स्टैंड का संचालन शुरू होगा। नौलखा और तीन इमली से चलने वाली बसों का संचालन यहां से किया जाएगा। बस स्टैंड परिसर में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन संचालन से पहले जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उन्हें दूर कर लिया जाएगा।

  • आशीष सिंह कलेक्टर
    बस स्टैंड परिसर में ये सुविधाएं
  • 30 हजार यात्री प्रतिदिन क्षमता
  • 600 बसों की पार्किंग व्यवस्था
  • 300 दोपहिया और चार पहिया की पार्किंग
  • 100 लोगों के बैठने का यात्री प्रतीक्षालय
  • मल्टीपल टिकट खिड़की
  • यात्री पूछताछ केंद्र
  • चालकों के लिए विश्राम कक्ष
  • सीसीटीवी से निगरानी
    इन तीन रूटों की बसें चलेंगी
    पहला रूट – भोपाल, रीवा, सतना, जबलपुर।
    दूसरा रूट – ग्वालियर, शाजापुर, गुना।
    तीसरा रूट – बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, भेरूंदा, खातेगांव, कन्नौद।
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