इंदौर के आश्रम में बच्चे दम तोड़ रहे थे और एसडीएम ठहाके लगाते रहे, कलेक्टर ने वीडियो देख हटाया

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के अनाथ आश्रम में बच्चों की मौत के बाद जिन एसडीएम ओमप्रकाश नारायण बड़कुल को जांच के साथ व्यवस्था संभालने के लिए भेजा गया, वो ठहाके लगाते रहे। इस मामले में वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए तुरंत उन्‍हें हटा दिया। एसडीएम के पास बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।

इंदौर। इंदौर के अनाथ आश्रम युगपुरुष धाम में पांच मानसिक दिव्यांग बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया था। इधर जांच के लिए आश्रम पहुंचे मल्हारगंज एसडीएम ओमप्रकाश नारायण बड़कुल आश्रम संचालिका के साथ ठहाके लगाते रहे। उनकी इस हरकत का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद एसडीए को हटा दिया गया। बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच के लिए आश्रम पहुंचे मल्हारगंज एसडीएम ठकाके लगाते रहे। उनकी इस हरकत का वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर ने तुरंत एसडीम को हटा दिया।

बच्चों को अस्पताल पहुंचाने का जिम्मा एसडीएम का था
एसडीएम बड़कुल जांच करने की बजाय आश्रम प्रबंधन के साथ बात करने में ही उलझे रहे। जबकि उनका काम था कि वे आश्रम में बच्चों की बीमारी की वजह का कारण पता करते। इसके अलावा बच्चों को अस्पताल पहुंचाने का प्रबंध भी एसडीएम को करना था। आश्रम में बीमार और दम तोड़ते बच्चों के बीच ठहाके लगाने के वीडियो को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भी गंभीरता से लिया है।

दो शिफ्ट में डाक्टरों की ड्यूटी
कलेक्टर ने दो शिफ्ट में डाक्टरों की ड्यूटी आश्रम में लगाई है। सुबह से शाम तक अलग टीम बच्चों की जांच करेगी। चाइल्ड स्पेशलिस्ट भी तैनात रहेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने दो सीडीपीओ की ड्यूटी चाचा नेहरू अस्पताल में लगाई है। बच्चों की देखरेख के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को भी तैनात किया है।

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सीएम ने कहा- एसडीएम का व्यवहार असंवेदनशील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बच्चों के निधन का समाचार हृदय विदारक है। मैं बाबा महाकाल से दिवंगत बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करने और बीमार सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। मल्हारगंज एसडीएम को उनके असंवेदनशील व्यवहार के लिए पद से हटा दिया गया है।

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