द्वारकापुरी क्षेत्र में रहने वाली एक युवती तमिलनाडु से 15 दिन से लापता है। उसने नोट भी छोड़ा, जिसमें मेंटली टॉर्चर का जिक्र किया। परिजन ने शनिवार को सीएम से गुहार लगाई, रविवार को पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता से भी मिले। इंदौर पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस से चर्चा की, उनका कहना है हम जल्द युवती को ढूंढने का प्रयास करेंगे। सूर्यदेव कॉलोनी में रहने वाली ओजस्वी गुप्ता (21) नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) त्रिची से लापता है। पिता नुतेश बताते हैं, 15 दिन पहले बेटी से आखिरी बार बात हुई थी। बेटी एनआईटी के गेट से अकेली जाती हुई फुटेज में दिखी। होस्टल के रूम में 4 पन्नों का एक लेटर छोड़कर गई है।
ओजस्वी ने ये लिखा लेटर में
पिता ने बताया कि बेटी कभी भी बिना पूछे बाहर नहीं गई। 14 सितंबर को आखिरी बार बात हुई थी तब कहा था कि मुझे क्लास में सीआर बनाया है। अगले दिन रविवार को फोन किया तो कोई जवाब नहीं आया। अगले दिन बेटी की मां और भाई त्रिची पहुंचे, तब से वे वहीं हैं। वहां की पुलिस को अभी तक कोई क्लू नहीं मिला है। 4 पन्ने के लेटर में लिखा है- जब से सीआर बनी हूं, मेंटली डिस्टर्ब हूं। लोगों के लिए इतना मत करो कि खुद को ही खो दो। ये वही लोग होते हैं जो आप पर अंगुली उठाते हैं। पुरुषों को लीड करना मुश्किल है। जिसे सीआर बनना है बना दो यार.. लव यू एनआईटी बाय-बाय।
