- अकाल तख्त साहिब से आए दल करेगा मुख्य जत्थेदार को चुनाव प्रक्रियां से अवगत।
- सिख समाज की स्थानीय स्तर पर सर्वोच्च संस्था श्रीगुरुसिंघ सभा के 11 साल बाद 11 फरवरी को हो रहे चुनाव को लेकर फैसला गुरुवार शाम होगा।
- लगातार दो बार टलने के बाद भी अब तक जारी नहीं उम्मीदवारों की अंतिम सूची।
चुनाव टलने की चर्चा समाज में जोर पकड़ रही है और इसके विरोध और समर्थन में समाज के अलग-अलग धड़े जुटने लगे है।
सिख समाज की स्थानीय स्तर पर सर्वोच्च संस्था श्रीगुरुसिंघ सभा के 11 साल बाद 11 फरवरी को हो रहे चुनाव को लेकर फैसला गुरुवार शाम होगा। अकाल तख्त साहिब द्वारा भेजा गया पांच सदस्यीय दल में लगातार दूसरे दिन चुनाव कमेटी और वर्तमान प्रबंध समिति के साथ बैठक कर निर्णय लेगा। इसके बाद वर्तमान प्रक्रिया से अकाल तख्त साहिब के मुख्य जत्थेदार को अवगत कराया जाएगा। यह भी बताया जा रहा कि चुनाव कमेटी में फेरबदल किए जाएंगे। चुनाव टलने की चर्चा समाज में जोर पकड़ रही है और इसके विरोध और समर्थन में समाज के अलग-अलग धड़े जुटने लगे है। इससे पहले भी दो बार चुनाव तारीख तय होने के बाद अलग-अलग कारणों से चुनाव टाले गए थे।चुनाव को नियोजित तरीके से टालने के आरोप तीन धड़ों में बंटे समाज के प्रमुख एक दूसरे पर लगा रहे है।सबसे पहले अकाल तख्त साहिब द्वारा बनाई गई समिति द्वारा चुनाव की तारीख 13 अगस्त 2023 तय की गई थी उसे आगे बढ़ाकर 17 सितंबर किए गए था लेकिन दोनों तारीखों पर चुनाव नहीं हो सके। चुनाव में 12 हजार से अधिक मतदाता अध्यक्ष-सचिव के साथ 17 कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव करेंगे। चुनाव के लिए शहर में चार स्थानों पर मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसमें गुरुनानक पब्लिक स्कूल खंडवा रोड, गुरुद्वारा कलगीधर महाराज, मरीमाता, निरंजनपुर गुरुद्वारा और गुरुद्वारा विष्णुपुरा के नाम शामिल है। इस बार खंडा और फतेह पेनल के बीच मुकाबला है। अध्यक्ष-सचिव के एक-एक पद के लिए 15 और कार्यकारिणी के 17 पदों के लिए 76 सदस्यों ने नामंकन फार्म भरे है।
