आंकड़ों की जादूगरी दिखाने में जुटे:नशे के खिलाफ अभियान दिखावे की कार्रवाई, कोई बड़ा ड्रग पैडलर, गिरोह या शराब माफिया नहीं पकड़ा

By Abhishek Raghuvanshi
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आंकड़ों की जादूगरी दिखाने में जुटे:नशे के खिलाफ अभियान दिखावे की कार्रवाई, कोई बड़ा ड्रग पैडलर, गिरोह या शराब माफिया नहीं पकड़ा
जितने लोग नशा करते पकड़े, उन्हें थाने से मिल गई जमानत
शहर में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है, लेकिन इसका सख्त असर नहीं दिख रहा है। पुलिस ने एनडीपीएस व आबकारी एक्ट की कमजोर धाराओं में केस दर्ज किए। कार्रवाई दिखाने के बाद सभी को थाने से ही छोड़ दिया गया। देखा जाए तो पुलिस सिर्फ आंकड़ों की जादूगरी दिखा रही है। सख्त धाराओं में गिनती के प्रकरण बने हैं।
नशा बेचने वाले, पैडलर्स और नशा करने वालों को पकड़कर टीआई और स्टाफ फोटो खिंचा रहे हैं। सप्ताहभर से जारी अभियान में पुलिस और क्राइम ब्रांच कोई बड़ा शराब माफिया, बड़ा ड्रग पैडलर या तस्कर हाथ नहीं लगा। क्राइम ब्रांच के जवान भी टारगेट पूरा करने के लिए चिलम में गांजा पीने और सड़क पर शराब पीने वालों को ही पकड़ पाए।
कठोर धारा में नहीं बन रहे प्रकरण
शहर के चारों डीसीपी जोन में थाना प्रभारियों ने अफसरों को खुश करने के लिए सिर्फ आंकड़े बढ़ाने के लिए कार्रवाई की है। अधिकांश प्रकरण नशा करने वालों के ही बनाए हैं। इनमें 8/27 एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई सर्वाधिक है। इस धारा में कार्रवाई के तत्काल बाद आरोपी को छोड़ दिया गया।
काम दिखाने की होड़ में कार्रवाई
पूरे अभियान में थाने का स्टाफ अपनी वाहवाही के लिए कार्रवाई के आंकड़े दिखाते नजर आए। सीएम मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों के बाद कार्रवाई के ज्यादा से ज्यादा आंकड़े दिखें, इसके लिए टीआई होड़ करते दिखे। कार्रवाई की भी तो उन गरीब, मजदूर व दिहाड़ी लोगों पर जो रोज काम के बाद नशा करते हैं।
ये हैं सख्त धाराएं, इनमें केस नहीं बनाए
पूरे अभियान में एक भी केस 8/18, 8/21, 8/20 और 8/22 का नजर नहीं आया है।
इसी तरह आबकारी एक्ट की 36 (क) और 36 (ख) के प्रकरणों का थाने वालों ने अंबार लगा दिया। 36 (क) में ढाबे, रेस्टोरेंट पर शराब पिलाने वालों पर और (ख) में पीने वालों पर कार्रवाई होती है। दोनों में थाने से ही जमानत हो जाती है। तारीख पर कोर्ट में सामान्य जुर्माना भरना पड़ता है।
आबकारी विभाग भी बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया। धारा 34 (2) के प्रकरण गायब थे। इसमें 50 लीटर से ज्यादा शराब जब्त होती है, ये गैर जमानती है। इसमें पकड़े गए आरोपी को सीधे जेल जाना पड़ता है। हाई कोर्ट से ही जमानत होती है।
ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, आरोपियों पर और सख्ती बरती जाएगी
मामले में पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता का कहना है कि नशे के खिलाफ हमने सख्त और ठोक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों पर जेल भेजने जैसी कार्रवाई होना चाहिए। इसके लिए और सख्ती बरती जाएगी। जो आरोपी पकड़े गए हैं, उनसे पूछताछ में आगे की चेन पता चलेगी, ताकि उन पर भी कार्रवाई हो।
डीसीपी के निर्देशन में सिर्फ ये कार्रवाई हुई

  1. जोन 4 में एडि.डीसीपी आनंद यादव की टीम ने एक महिला व उसके जीजा को 15 लाख की ब्राउन-शुगर के साथ पकड़ा। इनसे 156 ग्राम ब्राउन शुगर मिली।
  2. आजाद नगर में एडि.डीसीपी आलोक शर्मा की टीम ने पैडलर करण डामोर और कालू वाखला को 13.60 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा।
  3. इसी जोन में आजाद नगर टीआई नीरज मेढ़ा ने सोशल मीडिया पर अपने मित्र के साथ युवाओं को ब्राउन-शुगर पीने का तरीका बता रही महिला को पकड़ा। महिला से डेढ़ लाख की 12.46 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की।
  4. विजय नगर में ऑडी कार से एमडी ड्रग्स सप्लाय करने आए मंदसौर के कारोबारी नवीन जैन के बेटे अरिहंत को पकड़ा। उससे 3 लाख की एमडी ड्रग्स जब्त की।
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