मध्य प्रदेश में डीआइजी तो बनाए गए, पर दो महीने से नहीं हुई पदस्थापना

By Abhishek Raghuvanshi
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  • मध्य प्रदेश में एसपी, एसएसपी और कमांडेंट का काम कर रहे हैं पदोन्नत अधिकारी।
  • पदोन्नत हुए अधिकारियों में कुछ की सेवा तीन से चार वर्ष ही बची है।
  • पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर लगभग एक माह से कवायद चल रही है।
  • अब एक सप्ताह के भीतर इनकी पदस्थापना के आदेश जारी हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने 18 आइपीएस अधिकारियों को पदोन्नत कर डीआइजी बनाया था, लेकिन दो माह बाद भी इनमें अधिकतर को नई पदस्थापना नहीं दी गई है। यह अधिकारी अभी भी पहले की तरह एसपी, एसएसपी और कमांडेंट का काम कर रहे हैं।

इनकी पदस्थापना के पहले सरकार पुलिस मुख्यालय और रेंज में पदस्थ कुछ डीआइजी को भी इधर से उधर करेगी। पदोन्नत हुए कई अधिकारियों की चिंता यह है कि रेंज में पदस्थापना हुई तो क्षेत्र को समझने का समय बहुत काम मिलेगा, जबकि लोकसभा चुनाव अप्रैल या मई में प्रस्तावित है।पदोन्नत हुए अधिकारियों में कुछ की सेवा तीन से चार वर्ष ही बची है। ऐसे में उन्हें नई पदस्थापना की बहुत प्रतीक्षा है। लोकसभा चुनाव के चलते एक ही संसदीय क्षेत्र में तीन वर्ष से पदस्थ अधिकारियों को हटाने के निर्देश निर्वाचन आयोग ने दिए हैं। इसमें साकेत पांडेय और भोपाल ग्रामीण की डीआइजी मोनिका शुक्ला शामिल हैं। इन्हें भी बदलने की तैयारी है।इनकी जगह पदोन्नत हुए डीआइजी में किसी को जिम्मेदारी मिल सकती है। शासन स्तर पर पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर लगभग एक माह से कवायद चल रही है, पर सूची पर अंतिम निर्णय नहीं हो पा रहा है। अब एक सप्ताह के भीतर इनकी पदस्थापना के आदेश जारी हो सकते हैं।

यह अधिकारी डीआइजी के पद हुए हैं पदोन्नत
साकेत पांडेय, तुषारकांत विद्यार्थी, अमित सांघी, सत्येंद्र कुमार शुक्ला, वीरेंद्र कुमार सिंह, मोहम्मद युसुफ कुरैशी, प्रशांत खरे, अतुल सिंह, मनीष कुमार अग्रवाल, निमिष अग्रवाल, पंकज श्रीवास्तव, राजेश कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, आशुतोष प्रताप सिंह, आबिद खान, सिद्धार्थ बहुगुणा, हेमंत चौहान और विनीत कपूर।

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