प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में नौलखी धाम पर चल रही श्री वाल्मीकि राम कथा का आज समापन हुआ। समापन अवसर पर कथावाचक स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि अयोध्या के समान है नौलखी धाम की भूमि, और यह गंजबासौदा क्षेत्र पूरा धार्मिक क्षेत्र है।यहां की धार्मिक जनता ने यह सिद्ध कर दिया। नौलखी धाम के श्रीमहंत राम मनोहर दास जी महाराज ने स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य महाराज को कथा मंच पर विदाई। श्री महंत राममनोहर दास जी महाराज ने इस आयोजन में सहयोग कर रहे समस्त लोगों को धन्यवाद दिया एवं उनका आभार व्यक्त किया। प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ का भी आज पूर्ण आहुति के साथ समापन हुआ।
