CM केजरीवाल की गिरफ्तारी के कारण फंसा दिल्ली का सबसे बड़ा पेंच, खुद LG सक्सेना भी नहीं ले सकते निर्णय

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read

आप सरकार की छह सदस्यीय कैबिनेट में से एक रहे राजकुमार आनंद ने भले ही इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन उनके स्थान पर नए मंत्री की नियुक्ति हाल फिलहाल संभव नहीं लग रही। सीएम अरविंद केजरीवाल का जेल में होना इसमें सबसे बड़ी बाधा हाे सकती है। अगले कुछ दिनों में उनके बाहर आने की संभावना भी नहीं ही लग रही।

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव ओमेश सहगल कहते हैं कि नए मंत्री के नाम की सिफारिश मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही कर सकते हैं। लेकिन चूंकि वह हिरासत में हैं और जेल नियमावली वहां से उनकाे कोई सरकारी कामकाज करने की इजाजत नहीं देती, तो पेच फंसने की संभावना है। यहां तक कि आनंद के विभागों को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर अन्य मंत्रियों में बांटने की संस्तुति भी सीएम के माध्यम से ही एलजी को भेजी जा सकती है। एलजी स्वयं से निर्णय नहीं ले सकते।

CM की संस्तुति से ही होगा कोई बदलाव: एसके शर्मा

पूर्व लाेकसभा सचिव एस के शर्मा कहते हैं कि अधिकारियों के स्तर पर अभी भी सारे कामकाज पहले की तरह होते रहेंगे। चूंकि आचार संहिता लगी हुई है तो कोई बड़ा निर्णय या घोषणा वैसे भी प्रतिबंधित है। लेकिन हां, ऐसी स्थिति में राजनिवास को किसी भी बदलाव की संस्तुति सीएम ही कर सकते हैं।

सारा विशेषाधिकार LG और केंद्र के पासः योगेंद्र नारायण

वहीं राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण ने कहा कि ऐसी स्थिति पहली बार उत्पन्न हो रही है। पूर्व में जिस भी मुख्यमंत्री को जेल जाना पड़ा, उसने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। मौजूदा प्रकरण में भी अदालत ने कोई हस्तक्षेप करने से पहले ही इनकार कर चुकी है और जेल नियमावली में भी इस तरह के मामलों में न हां स्पष्ट है, न ही ना। यहां सारा विशेषाधिकार एलजी और केंद्र सरकार का है। जेल भी उन्हीं के अधीन है। अगर वह चाहेंगे तो सीएम को अनुमति दी भी जा सकती है और नहीं चाहेंगे तो फिर नहीं ही मिल पाएगी।

- Advertisement -
Exit mobile version