उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की पांच रिपोर्ट को दिल्ली विधानसभा की पटल पर रखने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने जल्द ही सदन के पटल पर रिपोर्ट रखने की बात कही है।
पत्र में उपराज्यपाल ने कहा है कि पांचों रिपोर्ट लंबे समय से दिल्ली सरकार के पास लंबित हैं। मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और दिल्ली सरकार जल्द इस पर कदम उठाएं। संविधान के अनुच्छेद 151 के अंतर्गत उपराज्यपाल का यह सांविधानिक दायित्व है कि वह कैग की रिपोर्ट को विधानसभा के समक्ष रखकर सार्वजनिक करें।
पांचों रिपोर्ट राज्य के वित्त से संबंधित हैं, जो अगस्त 2023 से ही वित्त मंत्री के विचार के लिए लंबित हैं। यह रिपोर्ट सरकार के कामकाज के तरीके में भी सुधार करने में भी मददगार होती हैं। सरकार का दायित्व होता है कि वह सदन के माध्यम से अपने प्रदर्शन व सार्वजनिक धन के राजस्व और व्यय का एक वस्तुनिष्ठ लेखा-जोखा जनता से साझा करे।
यह रिपोर्ट लंबित
- 31 मार्च, 22 को समाप्त वर्ष के लिए 2023 की रिपोर्ट संख्या-2 राज्य वित्त लेखा परीक्षा रिपोर्ट
- वर्ष 2022 की रिपोर्ट क्रमांक-1 राज्य वित्त लेखा परीक्षा रिपोर्ट वर्ष 31 मार्च, 2021
- वित्त वर्ष 2021-22 के लिए दिल्ली में वाहन वायु प्रदूषण की रोकथाम और शमन पर प्रदर्शन ऑडिट पर 2022 की रिपोर्ट संख्या-2
- 31 मार्च, 20 और 2021 को समाप्त वर्षों के लिए राजस्व आर्थिक, सामाजिक और सामान्य क्षेत्रों और पीएसयू पर 2022 की रिपोर्ट संख्या-3
- 31 मार्च, 21 को समाप्त वर्ष के लिए देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों पर प्रदर्शन ऑडिट रिपोर्ट पर 2023 की रिपोर्ट संख्या-1
