इंदौर की मशहूर मेघदूत चौपाटी अब नजर नहीं आएगी। मौजूदा हालात में तो यही लग रहा है कि लंबे समय तक इसके आबाद होने की कोई सूरत नहीं है। नगर निगम का कहना है कि यहां अगर कोई अतिक्रमण करेगा तो उसे बलपूर्वक हटाया जाएगा। निगमायुक्त ने दुकानदारों को यह विश्वास दिलवाया कि आसपास के क्षेत्र में हाकर्स जोन में दुकानदारों को दुकान लगाने की जगह दी जाएगी।
निगमायुक्त ने दुकानदारों को विश्वास दिलवाया।
हॉकर्स जोन में दुकान लगाने की जगह दी जाएगी।
इसके लिए जगह का सर्वे करने के लिए कहा गया है।
इंदौर। मेघदूत चौपाटी पर अब दोबारा दुकानें नहीं लगेंगी। अगर किसी ने अतिक्रमण का प्रयास किया तो नगर निगम की रिमूवल टीम दोबारा कार्रवाई करते हुए बलपूर्वक अतिक्रमण हटा देगी। यह बात निगमायुक्त शिवम वर्मा ने मेघदूत चौपाटी के दुकानदार से कही। दुकानदार स्मार्ट सिटी कार्यालय में कलेक्टर आशीषसिंह और निगमायुक्त वर्मा से मिलने पहुंचे थे। निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि मेघदूत के सामने किसी कीमत पर दुकान नहीं लगने दी जाएंगी। अगर कोई अतिक्रमण करेगा तो उसे बलपूर्वक हटाया जाएगा।
निगमायुक्त ने दुकानदारों को यह विश्वास दिलवाया कि आसपास के क्षेत्र में हाकर्स जोन में दुकानदारों को दुकान लगाने की जगह दी जाएगी।
आसपास के क्षेत्र में तलाशेंगे संभावना
निगमायुक्त ने उपायुक्त लता अग्रवाल को मौके पर बुलाकर दुकानदारों के लिए मेघदूत के आसपास हाॅकर्स जोन में जगह का सर्वे करने के लिए कहा।
उन्होंने दुकानदारों से कहा कि एक ही जगह पर सभी दुकानदारों को जगह देना संभव नहीं है। जैसे-जैसे जगह मिलेगी वैसे-वैसे दुकानदारों को दुकान लगाने की अनुमति दे दी जाएगी।
नोटिस के बावजूद पार्किंग शुरू नहीं की, निगम ने सात बेसमेंट में भरा मलबा
बार-बार चेतावनी देने के बावजूद बेसमेंट में पार्किंग शुरू नहीं करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार को नगर निगम की टीम ने जोन 22 में सात बेसमेंट के खिलाफ कार्रवाई की। इन सभी बेसमेंट के प्रवेश द्वार को मलबा भरकर बंद कर दिया गया।
जोनल एवं भवन अधिकारी शिवराज सिंह यादव ने बताया कि ये सभी बेसमेंट पार्किंग के नाम पर स्वीकृत हुए हैं, लेकिन इनमें पार्किंग के बजाय व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
हाल ही में इन सभी बेसमेंट संचालकों को व्यवसायिक गतिविधियां बंद कर बेसमेंट का उपयोग सिर्फ पार्किंग के लिए किए जाने के संबंध में नोटिस दिए गए थे।
इसके बावजूद बेसमेंट में दुकानें चल रही थीं। सोमवार को निगम के रिमूवल विभाग की मदद से सात बेसमेंट के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए।
इसके बाद ये बेसमेंट उपयोग योग्य नहीं रहे। सतत जारी रहेगी कार्रवाईनिगमायुक्त ने हाल ही में सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी बेसमेंट जो स्वीकृत तो पार्किंग के नाम पर हुए हैं।
लेकिन जहां उनका व्यवसायिक उपयोग हो रहा है वहां सख्ती से कार्रवाई करें। निगमायुक्त ने बताया कि ऐसी ही कार्रवाई अन्य स्थानों पर भी की जाएगी।
