धोखाधड़ी और साइबर अपराध में सजा काट रहे तीन नाइजीरियन कैदियों को जमानत मिल गई। इसके बाद उन्हें सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। अब वापस विदेश भेजने की प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें हातोद में बनाए गए अस्थायी होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। सेंट्रल जेल सुपरिटेंडेंट अलका सोनकर ने बताया कि 2019 में 28 वर्षीय नाइजीरियन कैदी संडे, फौजी पिता उमर मोहम्मद और क्रिश्चियन पिता नंदू को धोखाधड़ी और साइबर के मामले में इंदौर सेंटर जेल में भेजा गया था। ये तीनों अपराध के समय दिल्ली में ही रह रहे थे। नए कानून की धारा भादसं 479 के तहत तीनों को इंदौर कोर्ट ने शनिवार को रिहा करने का आदेश दिए गए।
बाद में कलेक्टर के आदेश के बाद उन्हें हातोद में विश्राम गृह के पास बनाए गए अस्थायी होल्डिंग सेंटर में रखा गया। ग्रामीण एसपी हितिका वासल ने बताया कि तीनों नाइजीरियन कैदियों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। विदेशी दूतावास से संपर्क कर तीनों कैदियों को यहां से विदेश भेजने की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
एडवोकेट निमिषा दुबे ने बताया कि कोर्ट से जमानत मिलने के बाद किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह की जेल में नहीं रखा जा सकता है। उन्हें वहां से छुड़ाने के लिए हम हाईकोर्ट की शरण लेंगे। तीनों के पासपोर्ट भी एक्सपायर हो गए हैं, ऐसे में ये देश में अवैध रूप से रह रहे हैं। कोर्ट से ट्रायल खत्म होने के बाद तीनों को एम्बेसी के माध्यम से उनके देश भेजा जाएगा।
