इंदौर के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता के सामने ड्रग्स माफिया पर सख्ती और बिगड़ा ट्रैफिक नया चैलेंज

By Abhishek Raghuvanshi
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  • 1999 बैच के आइपीएस राकेश गुप्ता वर्ष 2013 में डीआइजी (शहर) भी रह चुके हैं।
  • शहर में बढ़ता नशे का कारोबार और बेतरतीब चलते वाहन बड़ी समस्या है।

गुप्ता के मुताबिक चारों तरफ से खुला होने से शहर में अपराधी आसानी से आकर निकल जाते हैं, विशेषकर वाहन चोर।
आइपीएस राकेश गुप्ता शहर के तीसरे पुलिस आयुक्त होंगे।

नए पुलिस आयुक्त राकेश गुप्ता ने कहा- शहर की जनता संवेदनशील है लेकिन वक्त के साथ-साथ लाइफ स्टाइल भी बदली है। शहर में बढ़ता नशे का कारोबार और बेतरतीब चलते वाहन बड़ी समस्या है। दोनों परेशानियों से निपटना बड़ी चुनौती है। गुप्ता के मुताबिक चारों तरफ से खुला होने से शहर में अपराधी आसानी से आकर निकल जाते हैं, विशेषकर वाहन चोर। आयुक्त प्रणाली के बाद काफी बदलाव हुआ है। थानों की संख्या कम और अफसर अधिक हैं। इसका फायदा पुलिसिंग को मिलेगा। पुलिस की गुणवत्ता सुधारेंगे। प्रमुख समस्याओं से कैसे निपटा जाए इसकी योजना बनाई जाएगी। वर्तमान आयुक्त द्वारा चलाए जा रहे आपरेशन जारी रहेंगे।

10 साल पूर्व डीआइजी रहे गुप्ता पुलिस कमिश्नर बनकर लौटे
आइपीएस राकेश गुप्ता शहर के तीसरे पुलिस आयुक्त होंगे। सुलझे हुए अफसर गुप्ता संघ और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पसंद भी माने जाते हैं। 1999 बैच के आइपीएस राकेश गुप्ता वर्ष 2013 में डीआइजी (शहर) भी रह चुके हैं। वर्ष 2017 में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नत हुए और आइजी प्रशासन (भोपाल), आइजी उज्जैन, एटीएस और इंटेलिजेंस भी रहे। आयुक्त प्रणाली के पश्चात गुप्ता ग्रामीण आइजी की कमान संभाले हुए थे। लगभग 10 साल बाद पुन: पुलिस कमिश्नर बनकर लौटे हैं।

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