अभिनेता अल्लू अर्जुन जेल से रिहा हो गए हैं। उनके वकील अशोक रेड्डी ने कहा, फिलहाल उन्हें रिहा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना उच्च न्यायालय से आदेश की प्रति मिलने के बावजूद पुलिस ने अल्लू अर्जुन को रिहा नहीं किया। वकील ने कहा, ‘उन्हें जवाब देना होगा…यह अवैध हिरासत है, हम कानूनी कार्रवाई करेंगे’
पुलिस की गिरफ्त से आजाद किए जाने से पहले उनके ससुर कंचरला चंद्रशेखर रेड्डी हैदराबाद की चंचलगुडा सेंट्रल जेल पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभिनेता अल्लू अर्जुन के घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं बता दें कि हैदराबाद की निचली अदालत ने उन्हें 14 दिन की रिमांड पर भेजने का आदेश पारित किया था। इसके बाद अल्लू अर्जुन को चंचलगुडा सेंट्रल जेल ले जाया गया। बाद में, उन्हें तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी। रिहाई से पहले तेलंगाना पुलिस ने अल्लू अर्जुन के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी
अल्लू अर्जुन के वकील अशोक रेड्डी का बयान
शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात भी अल्लू अर्जुन के वकील ने भी रिहाई पर बयान दिया था। शुक्रवार को हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद इस हाईप्रोफाइल मामले में अल्लू अर्जुन के वकील अशोक रेड्डी ने कहा, ‘हाईकोर्ट के आदेश की प्रति में स्पष्ट उल्लेख है कि जेल अधीक्षक को अल्लू अर्जुन को तुरंत रिहा करें। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद जेल अधीक्षक ने रिहाई सुनिश्चित नहीं की’ गौरतलब है कि पुष्पा यानी अभिनेता अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी से लेकर अंतरिम जमानत तक शुक्रवार का पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा। वहीं भगदड़ में मरने वाली महिला के पति भास्कर ने शुक्रवार को कहा कि वह इस घटना के लिए अभिनेता अल्लू अर्जुन को जिम्मेदार नहीं मानते। सिनेमा हाल में भगदड़ के लिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। भास्कर ने यह भी कहा कि वह अपनी शिकायत वापस लेने के लिए तैयार हैं।
बॉलीवुड की हस्तियां भी घटना को लेकर अभिनेता के पक्ष में बयान देती नजर आईं। कंगना रनोत, वरुण धवन, रजा मुराद सभी ने एक सुर में कहा कि भगदड़ के लिए अल्लू अर्जुन को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। इस बीच, संध्या सिनेमा का वह पत्र भी सोशल मीडिया भी वायरल होता है, जिसमें पुलिस को यह सूचना दी गई थी कि पुष्पा-2 के अभिनेता-अभिनेत्री सिनेमा हाल में शो देखने आ रहे हैं। अल्लू अर्जुन ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें उनके बेडरूम से ही सीधे ले जाया गया। पुलिसवालों ने न तो उन्हें कपड़े बदलने दिए और न ही चाय नाश्ता ही करना दिया। उनका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पुलिस के साथ जाने से पहले अपनी पत्नी को सांत्वना देते नजर आ रहे हैं
हैदराबाद पुलिस ने उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया, फिर गिरफ्तारी और स्वास्थ्य जांच के बाद कोर्ट में पेशी हुई। ट्रायल कोर्ट के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जब अभिनेता को जेल ले जाया जा रहा था, तभी तेलंगाना हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश आ गया। पुलिस ने कहा कि उन्हें शनिवार को रिहा किया जाएगा हाईकोर्ट में जस्टिस जुव्वादी श्रीदेवी की पीठ ने करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मौखिक टिप्पणी में सवाल उठाया, क्या सिर्फ एक अभिनेता होने की वजह से उन्हें इस तरह घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? कोई पुख्ता सामग्री नहीं हैं…। अदालत ने मृतका के परिवार के प्रति सहानुभूति जताई। लेकिन साथ ही कहा कि धारा 105 और 108 के प्रावधानों के तहत लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही नहीं लगते। कोर्ट ने कहा, इस धरती पर उन्हें भी जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार है। इसे अभिनेता होने के आधार पर दूर नहीं किया जा सकता है
