बाइडेन ने दो भारतीय मूल के लोगों को अपॉइंट किया:पुनीत रंजन और राजेश सुब्रमण्यम एक्सपोर्ट काउंसिल में शामिल, दोनों ट्रेड एक्सपर्ट

By Abhishek Raghuvanshi
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी एक्सपोर्ट काउंसिल में भारतीय मूल के दो ट्रेड एक्सपर्ट्स को अपॉइंट किया है। इनके नाम हैं- पुनीत रंजन और राजेश सुब्रमण्यम।

दोनों का अपॉइंटमेंट इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है कि एक्सपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल ट्रेड के मामले देखने वाली सबसे अहम और बड़ी बॉडी होती है। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में पुनीत और राजेश के नॉमिनेशन का ऐलान किया गया। इसके पहले वर्ल्ड बैंक चीफ के तौर पर बाइडेन ने भारतीय मूल के ही अजय बंगा को नॉमिनेट किया था।

क्या करती है एक्सपोर्ट काउंसिल
एक्सपोर्ट काउंसिल में ट्रेड एक्सपर्ट ही शामिल किए जाते हैं। ये लोग सरकार के लिए ट्रेड पॉलिसी बनाते हैं और ये भी देखते हैं कि इनका कितना असर हो रहा है। इसके अलावा ट्रेड प्रमोशन के लिए अलग-अलग बिजनेस सेक्टर और देशों में अमेरिकी ट्रेड को आने वाली दिक्कतें को हल भी सुझाते हैं। आमतौर पर यह काउंसिल बिजनेस, इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर, लेबर और गवर्नमेंट सेक्टर से डील करती है।

पिछले साल केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ यह फोटो पुनीत ने री-ट्वीट की थी।

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कौन हैं पुनीत और राजेश

  • राजेश इस वक्त फेडेक्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और प्रेसिडेंट होने के साथ इस कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल हैं। फेडेक्स दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्टेशन कंपनी है। राजेश फेडेक्स की पूरी बिजनेस स्ट्रैटजी को लीड करते थे। इसके लिए एक कमेटी है और इसमें कुल पांच मेंबर होते हैं। राजेश इसके पहले प्रॉक्टर एंड गैम्बल, यूएस चैम्बर ऑफ कॉमर्स और चाइना एडवाइजरी बोर्ड में भी काम कर चुके हैं।
  • भारत के मामलों का भी उनका खासा अनुभव है। इसकी वजह यह है कि वो यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम में रह चुके हैं। इसके अलावा यूएस-चाइना बिजनेस काउंसिल को भी लीड कर चुके हैं। उन्हें इसी साल प्रवासी भारतीय सम्मान भी मिला था।
  • पुनीत की बात करें तो वो 31 दिसंबर 2022 को डेलोइटी ग्लोबल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पोस्ट से रिटायर हुए हैं। वो जून 2015 से इस कंपनी के हेड थे। ये कंपनी 150 देशों में ऑपरेट करती है। इसके करीब 4 लाख 15 हजार कर्मचारी हैं। 2022 में डेलोइटी ने करीब 60 अरब डॉलर रेवेन्यू जनरेट किया।

अजय बंगा को वर्ल्ड बैंक की कमान मिलेगी

  • मास्टरकार्ड के पूर्व CEO अजय बंगा वर्ल्ड बैंक के नए प्रेसिडेंट बन सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को उन्हें नॉमिनेट किया है। वे इसके लिए नॉमिनेट होने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति हैं। वर्ल्ड बैंक के वर्तमान प्रेसिडेंट डेविड मालपास के अप्रैल 2024 से पहले ही पद छोड़ने के ऐलान के बाद उन्हें नॉमिनेट किया गया है। इस वक्त 63 साल के भारतीय-अमेरिकी बंगा प्राइवेट इक्विटी फंड जनरल अटलांटिक के वाइस चेयरमैन हैं।
  • अजय उस भारतीय-अमेरिकी पीढ़ी के हैं, जिन्होंने पढ़ाई भारत में की और अमेरिका में अपनी काबिलियत की धाक जमा दी। उनकी जिंदगी मेहनत, संघर्ष और सफलता की कहानी है। उन्होंने जालंधर और शिमला से स्कूलिंग की। DU से ग्रेजुएशन और IIM अहमदाबाद से MBA किया। 1981 में उन्होंने नेसले इंडिया बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी जॉइन किया और 13 साल में मैनेजर बन गए।
  • इसके बाद वे पेप्सिको के रेस्टोरेंट डिवीजन का हिस्सा बने। यह उदारीकरण का दौर था, जब बंगा ने भारत में पिज्जा हट और KFC के लॉन्च में बड़ी भूमिका निभाई।
  • बंगा 1996 में सिटी ग्रुप के मार्केटिंग हेड बने। 2000 में सिटी फाइनेंशियल के प्रमुख नियुक्त किए गए। 2009 में मास्टरकार्ड के CEO बने और अपनी मार्केटिंग रणनीतियों से मास्टरकार्ड को युवाओं में इतना लोकप्रिय बना दिया कि यह स्टेटस सिंबल बन गया। 2016 में बंगा को पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।
  • मशहूर पत्रिका फॉर्च्यून ने 2012 में बंगा को ‘शक्तिशाली उद्योगपति-2012’ के तौर पर चुना था। वह हिंदुस्तान यूनिलीवर के पूर्व चेयरमैन मानविंदर सिंह बंगा के भाई हैं।
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