नेतन्याहू ने बागी रक्षा मंत्री को बर्खास्त किया:सुप्रीम कोर्ट की ताकत घटाने का विरोध करने पर लिया एक्शन; लोगों ने PM का घर घेरा

By Abhishek Raghuvanshi
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इजराइल में नेतन्याहू के ज्यूडिशिल रिफॉर्म बिल के विरोध में बोलने पर वहां के डिफेंस मिनिस्टर योआव गैलैंट को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। नेतन्याहू ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। योआव ने शनिवार को टीवी पर एक प्रोग्राम में कहा था कि देश के न्यायालय को कमजोर करने के लिए जो बिल लाया गया है, उससे मिलिट्री में भी फूट पड़ रही है । इससे देश की सुरक्षा को खतरा है। सरकार को विपक्ष के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए।

वहीं रविवार को फिर से इजराइल में लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और नेतन्याहू से विवादित बिल को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव के मेन हाइवे को ब्लॉक कर दिया।

तस्वीर इजराइल के डिफेंस मिनिस्टर योआव गैलैंट की है, जिन्हें प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बर्खास्त कर दिया है।

नेतन्याहू के घर के बाहर सुरक्षाकर्मियों से भिड़े प्रदर्शनकारी
इजराइल के लोगों ने रविवार को प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के निजी घर के बाहर भी जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस की इन लोगों से झड़प हुई। वहीं प्रदर्शन के दौरान लोगों ने थालियां भी बजाईं। कई लोगों ने हाइवे पर आग भी जलाई।

एक प्रदर्शनकारी ने BBC को बताया कि नेतन्याहू ने देश के लोकतंत्र को खतरे में डालने की सारी हदें पार कर दी हैं। मामला बढ़ता हुआ देखकर अमेरिका ने भी इजराइल के प्रदर्शन पर कमेंट किए हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा है कि इजराइल को जल्द से जल्द इस मामले का समाधान करना चाहिए।

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तस्वीर तेल अवीव के हाइवे की है… प्रदर्शनकारियों ने ज्यूडिशियल रिफॉर्म बिल के खिलाफ टायर जला रहे हैं।

आज बैठक में हो सकता है अहम फैसला
इजराइल के प्रदर्शन को लेकर सोमवार यानी आज नेतन्याहू सत्ताधारी गठबंधन में शामिल सभी पार्टियों से बात करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये बैठक अहम होगी इससे सरकार का रुख साफ होगा। वहीं विपक्ष के नेता येर लैपिड ने कहा कि नेतन्याहू डिफेंस मिनिस्टर को बर्खास्त कर सकते हैं, लेकिन इससे हकीकत नहीं बदलेगी।

तेल अवीव में हाइवे पर इजरायल के झंडों के साथ प्रदर्शन करते लोग।

अब 4 प्वाइंट्स में जानें ये प्रदर्शन हो क्यों रहे हैं…

  • जनवरी में इजराइल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर एक प्रस्ताव जारी किया। इसके पास होने पर इजराइली संसद को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का पलटने का अधिकार मिल जाएगा। इसे ‘ओवरराइड’ बिल नाम दिया गया है। अब अगर ये बिल पास हो जाता है तो संसद में जिसके पास भी बहुमत होगा, वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट सकेगा। लोगों का मानना है कि इससे देश का लोकतंत्र और सुप्रीम कोर्ट कमजोर होगा।
  • बीबीसी के मुताबिक नए बिल से निवार्चित सरकारें जजों की नियुक्ति में दखल दे सकती हैं। जिसे सही और निष्पक्ष फैसले लेनी की ज्युडिशियरी की पावर कम हो जाएगी।
  • नेतन्याहू का नया बिल लागू होने से किसी कानून को रद्द करने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट की ताकत सीमित हो जाएगी।
  • इस बिल ने इजराइल को काफी हद तक दो हिस्सों में बांट दिया है। इजराइली सेना की रीढ़ माने जाने वाले रिजर्वविस्ट ( सेना को सेवा देने वाले आम नागरिक) ने कहा है कि वे सेना को अपनी सेवा देने से इनकार कर सकते हैं।

प्रदर्शनकारियों का साथ दिया तो पुलिस चीफ को भी हटाया गया

तेल अवीव में नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल पुलिस चीफ का स्वागत करते लोग।

इजराइल में केवल आम लोग ही नहीं बल्कि बड़े पदों पर बैठे पुलिस अधिकारी और बिजनेसमैन भी सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले 12 मार्च को हुए प्रोटेस्ट में तेल अवीव के पुलिस चीफ एमिशाई अशेद ने शामिल होकर सरकार को झटका दिया था। जैसे ही अशेद प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे तो तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका स्वागत किया गया। हालांकि इसके बाद उन्हें पद से हटाकर कहीं और ट्रांसफर कर दिया गया।

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