ताइवान के पास चीन की मिलिट्री ड्रिल:8 जंगी जहाज और 40 से ज्यादा फाइटर जेट शामिल; ताइवानीज प्रेसिडेंट के US दौरे से नाराज

By Abhishek Raghuvanshi
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चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ताइवान के ईदगिर्द इलाकों में सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। ये मिलिट्री ड्रिल तीन दिन चलेगी। चीन ने ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन की अमेरिका विजिट तुरंत बाद ये कदम उठाया है।

चीन ने फुजियान प्रांत के पिंगटन आईलैंड के पास 4 इलाकों में मिलिट्री ड्रिल शुरू की है। ये इलाका ताइवान के काफी करीब है। ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री का कहना है कि पिंगटन आईलैंड के इलाके में चीन के 8 वॉरशिप और 42 फाइटर जेट्स दिखाई दिए हैं। 7 अप्रैल को ही चीन ने अपने 2 लड़ाकू विमान और शेनडोंग समेत 3 वॉरशिप ताइवान के पास तैनात कर दिए थे।

चीन की मिलिट्री ड्रिल की 2 तस्वीरें देखें…

ये तस्वीर फुजियान प्रांत के फूजौ के पास हो रहे सैन्य अभ्यास की है। इसमें चीनी युद्धपोत दिख रहा है।
इस तस्वीर में युद्धपोत के डेक पर खड़े सैनिक दिख रहे हैं।

10 अप्रैल तक चलेगी मिलिट्री एक्सरसाइज
चीन ने इस अभ्यास को ‘यूनाइटेड शार्प सोर्ड’ नाम दिया गया है। ये मिलिट्री ड्रिल ताइवानी तट से सिर्फ 50 किमी दूर की जा रही है। इसमें असली हथियारों और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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ये एक्सरसाइज 10 अप्रैल तक चलेगी। चीन पहले यह ड्रिल ताइवान से करीब 100 किमी दूर करता था, लेकिन साई इंग वेन के अमेरिका दौरे के बाद अब बेहद नजदीक पहुंच गया है। PLA ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता सीनियर कर्नल शी यी ने कहा- ये अभ्यास समुद्र और हवा में हमारे हथियारों की ताकत दिखाएगा।

ग्लोबल सप्लाई चेन पर होगा असर
चीन ताइवान के आस-पास समुद्र में मिलिट्री ड्रिल कर रहा है। ये इलाका काफी बिजी शिपिंग रूट है। इसी रास्ते से सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स दुनियाभर में भेजे जाते हैं। नैचुरल गैस सप्लाई के लिए भी ये सी-रूट महत्वपूर्ण है। दुनिया के लगभग आधे कंटेनर शिप इसी रास्ते से निकलते हैं। ऐसे में चीन के यहां मिलिट्री एक्सरसाइज करने से शिप्स को आने-जाने से रोका जा सकता है।

5 अप्रैल को अमेरिका पहुंची थीं ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन

तस्वीर ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग वेन (बाएं) और अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्ज के स्पीकर केविन मैकार्थी (दाएं) की है।

​​​​​​​दरअसल, ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ने 5 अप्रैल को कैलिफोर्निया में स्पीकर मैकार्थी से मुलाकात की थी। जिसे चीन ने भड़काऊ हरकत बताया था। युद्धपोत और लड़ाकू विमानों से ताइवान की रेकी करने के अलावा चीन ने अमेरिका में ताइवान के प्रतिनिधि पर पाबंदियां लगा दी। प्रतिनिधि हसिआओ बी किम और उनका परिवार पाबंदियों के चलते अब कभी चीन, हांगकांग और मैकाउ नहीं जा पाएगा। इसके अलावा राजदूत की कंपनियां भी चीन के साथ कोई व्यापार नहीं कर पाएंगी।

वहीं, चीन ने दो अमेरिकी संस्थाओं पर भी बैन लगाने की घोषणा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्हीं दो संस्थाओं ने राष्ट्रपति साई इंग वेन की अमेरिकी यात्रा की प्लानिंग की थी। इन संस्थाओं में कैलिफोर्निया की रोनाल्ड रीगन लाइब्रेरी भी शामिल है।

नैंसी पेलोसी की ताइवान विजिट के बाद भी चीन ने मिलिट्री ड्रिल की थी
2 अगस्त को पूर्व अमेरिकी संसद स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया था। इससे नाराज चीन ने 4 अगस्त को ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में मिलिट्री ड्रिल की थी।

PLA के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ताइवान के समुद्री तट के पास लंबी दूरी की मिसाइलें फायर की थीं। यह तस्वीर चीनी आर्मी ने जारी की थी।

नैंसी पेलोसी की ताइवान विजिट को लेकर US और चीन के बीच तनाव बना हुआ था। चीन अमेरिका को धमकी दे रहा था। वो नहीं चाहता था कि पेलोसी ताइवान का दौरा करें।

चीन ने कहा था कि अगर पेलोसी का प्लेन ताइवान की तरफ गया तो वो उस पर हमला कर देगा। इस धमकी के बाद अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स के 24 एडवांस्ड फाइटर जेट्स ने नैंसी के प्लेन को एस्कॉर्ट किया था।

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