अमेरिका में भारतीय मूल की निक्की हेली ने रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति कैंडिडेट का चुनाव लड़ने की घोषणा की है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी इसके लिए दावेदारी जता चुके हैं। ऐसे में ट्रम्प और निक्की के बीच रिपब्लिकन कैंडिडेट बनने के लिए मुकाबला होगा।
दूसरी तरफ, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बाइडेन क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट कॉन्ट्रोवर्सी के चलते चुनाव से हट सकते हैं। ऐसे में रूलिंग डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस राष्ट्रपति पद की दावेदार हो सकती हैं।
निक्की-कमला में मुकाबला हुआ, तो US को मिलेगी पहली लेडी प्रेसिडेंट
अगर निक्की हैली और कमला हैरिस अपनी-अपनी पार्टी में समर्थन जुटा पाती हैं, तो मुमकिन है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के 191 साल के इतिहास में दोनों दावेदार भारतवंशी हों। निक्की और कमला का मुकाबला होने पर अमेरिका को पहली महिला राष्ट्रपति भी मिल सकती हैं।
अमेरिका की राजनीति में मंझी हुई नेता हैं निक्की हेली
निक्की को पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का करीबी माना जाता है। हिलेरी ही उन्हें सियासत में लाई थीं। राजनीति में आने से पहले निक्की कॉर्पोरेट वर्ल्ड में नाम कमा चुकी थीं। परिवार की कंपनियां चलाने के बाद 1998 में ओरेंजबर्ग काउंटी चेंबर ऑफ कॉमर्स के निदेशक मंडल में शामिल हुईं। 2004 में नेशनल एसोसिएशन ऑफ वुमेन बिजनेस ऑनर की अध्यक्ष बनीं। सामाजिक कार्यों में शामिल होने लगीं। इसी से राजनीति में आने का रास्ता बना।
- 2004 में निक्की साउथ कैरोलिना की स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर चुनी गईं। 2006 के चुनाव में उन्हें निर्विरोध जीत हासिल हुई। 2008 में तीसरी बार निक्की ने ये पद संभाला।
- निक्की 2010 और 2014 में साउथ कैरोलिना की गवर्नर बनीं। अमेरिका में सबसे युवा (37 साल) गवर्नर बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
- 2017 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें UN में बतौर अमेरिकी ऐंबैस्डर के तौर पर नियुक्त किया। दिसंबर 2018 में निक्की ने पद से इस्तीफा दे दिया।
US की पहली फीमेल वाइस प्रेसिडेंट हैं कमला हैरिस
डेमोक्रेटिक पार्टी से आने वाली कमला अमेरिकी इतिहास में उपराष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला और इस पद पर पहुंचने वाली भारतीय मूल की भी पहली महिला हैं।
कमला हैरिस हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी और हेस्टिंग्स कॉलेज ऑफ लॉ से ग्रैजुएट हैं। 2010 से 2014 के बीच वह 2 बार कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रहीं। 2017 से 2021 तक वह अमेरिकी सीनेटर रहीं। 20 जनवरी 2021 को वह अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति बनी थीं। पिछले साल बाइडेन की कोलोनोस्कोपी के दौरान वो 85 मिनट के लिए अमेरिका की राष्ट्रपति भी रहीं थीं।
इलेक्शन कैंपेन में निक्की ने खुद को इंडियन अमेरिकन बेटी कहा
51 साल की निक्की ट्रम्प की धुर विरोधी रही हैं और ट्रम्प की पॉपुलैरिटी कम होने के बीच तेज तर्रार नेता के तौर पर बहुत तेजी से उभरी हैं। चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा- मैं इंडियन अमेरिकन बेटी हूं। मैं न श्वेत हूं, न अश्वेत। यह वक्त नेतृत्व की नई पीढ़ी का है।
निक्की ने अपनी स्पीच में कहा कि चीन और रूस मौके की तलाश में हैं। वे सोचते हैं कि हमें धमकाया जा सकता है, लेकिन यह उनका भ्रम है। हमें अपनी इकोनॉमी को दुरुस्त करना है, बॉर्डर सिक्योर करने हैं और इस देश को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है।
अमृतसर का रहने वाला है से आता है निक्की का परिवार
UN में राजदूत और दक्षिण कैरोलिना की गवर्नर रह चुकीं निक्की अमेरिका में ही 1972 में जन्मीं थीं। उनका असली नाम नम्रता निक्की रंधावा है। पिता अजीत सिंह रंधावा पत्नी राज कौर के साथ 1960s में PhD करने के लिए अमृतसर से अमेरिका जाकर बस गए थे। निक्की के दो भाई मिट्ठी और सिमी और एक बहन सिमरन है।
तमिलनाडु की रहने वाली थीं हैरिस की मां
57 वर्षीय हैरिस की जड़ें भारत के तमिलनाडु राज्य से जुड़ी हैं। उनकी मां श्यामला गोपालन का जन्म तमिलनाडु में हुआ था। श्यामला एक ब्रेस्ट कैंसर रिसर्चर थीं, जो बाद में तमिलनाडु से जाकर अमेरिका में बस गई थीं। कमला के पिता जमैका-अमेरिका मूल के डोनाल्ड जे हैरिस थे। श्यामला और डोनाल्ड की शादी 1963 में हुई थी।
1964 में कमला हैरिस का और 1966 में उनकी बहन माया का जन्म हुआ था। 1970 में पिता डोनाल्ड से तलाक के बाद मां श्यामला ने ही कमला और उनकी बहन माया की अकेले परवरिश की। कमला ने 2014 में अमेरिकी वकील डौग एम्होफ से शादी की थी।
बाइडेन को 67%, ट्रम्प को 57% लोग फिर राष्ट्रपति नहीं चाहते
निक्की हेली और कमला हैरिस के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना इसलिए भी जताई जा रही है, क्योंकि आधे से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों को ट्रम्प और बाइडेन दोनों पसंद नहीं हैं। पिछले साल अगस्त-सितंबर में हार्वर्ड सीएपीए-हैरिस सर्वे में 67% लोगों ने कहा है कि बाइडेन को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। 33% ने उन्हें खराब राष्ट्रपति बताया।
दूसरी ओर सर्वे में शामिल हुए 57% लोगों का कहना है कि ट्रम्प को अगला चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। हालांकि, बाइडेन और ट्रम्प सार्वजनिक रूप से बार-बार दोबारा राष्ट्रपति बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
