इजराइल पर हमले के 5 घंटे बाद की सैटेलाइट तस्वीरें:इनमें जली हुई इमारतें दिखीं; हमास लड़ाकों ने घर में घुसकर लोगों को गोलियां मारीं

By Abhishek Raghuvanshi
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7 अक्टूबर, समय- सुबह 11:31 बजे। हमास ने सुबह 6:30 बजे इजराइल पर हमला किया। हमले के पांच घंटे बाद, यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने सैटेलाइट से इजराइल की कुछ तस्वीरें खीचीं। इन तस्वीरों में गाजा पट्टी से लगे इजराइली शहरों में तबाही दिखाई दी।

पृथ्वी को लगातार ऑब्जर्व करने वाली सेंटिनल-2 सैटेलाइट ने ये तस्वीरें ली हैं। इसमें जले हुए घर और तबाह हुई इमारतें दिख रही हैं। हमास ने सुबह करीब 6 से 6:30 के बीच रॉकेट से इजराइल पर हमले शुरू कर दिए थे। इस बीच हमास के लड़ाके बॉर्डर पार करके इजराइल में घुसपैठ की। लड़ाकों ने इजराइलियों के घर में घुसकर उन पर गोलियां बरसाईं।

किबुत्ज नीर ओज : लोगों को घर में घुसकर मारा, 50% आबादी खत्म
जिन जगहों पर हमास ने सबसे ज्यादा लोगों को निशाना बनाया उनमें किबुत्ज नीर ओज भी शामिल है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, किबुत्ज नीर ओज में हमले से पहले करीब 350-400 लोग थे। हमले के बाद यहां मुश्किल से 200 लोग बचे हैं।

किबुत्ज नीर ओज के लोगों पर हमास के अत्याचार से जुड़े कई वीडियो और फोटोज लगातार सामने आ रहे हैं। द टाइम्स ने ऐसा ही एक 30 मिनट का वीडियो वेरिफाई किया। एक कमरे के अंदर खून से लथपथ करीब 6 शव नजर आए। इस बीच एक बंदूकधारी गोलियां चलाना शुरू करता है और यह वीडियो यहीं खत्म हो जाता है। इजराइली सेना ने बताया कि नीर ओज में कितने लोगों को अगवा किया गया है, इसका डेटा अभी नहीं मिल पाया है।

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किबुत्ज नीर ओज में जब सेना ने बचे बाकी लोगों को इकट्ठा किया तो उनमें से एक ने बताया कि किबुत्ज के करीब 50% नागरिक वहां नहीं थे।

किबुत्ज रीम : नोवा म्यूजिक फेस्ट में हमला, 260 लोगों की मौत
इजराइल का बॉर्डर इलाका किबुत्ज रीम। यहां इजराइल के नोवा म्यूजिक फेस्ट के लिए जुटे हजारों लोगों पर गाजा पट्टी की तरफ से रॉकेट दागे गए। पैराग्लाइडर्स, मोटरसाइकिल, गाड़ियां और ट्रैक्टर पर सवार हमास के लड़ाकों ने भी ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। म्यूजिक फेस्टिवल के पास के ही एक मिलिट्री बेस पर भी हमला हुआ।

हमास ने म्यूजिक फेस्टिवल के वेन्यू को तीन तरफ से घेर लिया था। सिर्फ एक ही दिशा ऐसी थी, जहां से भाग पाना संभव था। इस दिशा में हमास के लड़ाके इजराइलियों को टारगेट बना रहे थे। लोग अपनी गाड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फायरिंग इतनी ज्यादा थी कि ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था।

हमास ने फेस्टिवेल के वेन्यू को 3 तरफ से घेर लिया था। इसके बाद लोगों के पास भागने के लिए सिर्फ एक ही दिशा थी, जिधर से लगातार फायरिंग हो रही थी।

किबुत्ज बीरी : सिर्फ लाशें नजर आईं
इजराइल के इमरजेंसी वर्कर्स ने किबुत्ज बीरी से करीब 100 शव बरामद किए हैं। बीरी में हमास के लड़ाके 7 अक्टूबर को सुबह करीब 6 बजे दाखिल हुए थे। इसके बाद हमास ने लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। कई लोगों को इस दौरान अगवा भी किया गया। इनमें से कुछ की हत्या कर दी गई।

फेंसिंग तोड़ इजराइल में दाखिल हुए हमास के लड़ाके
शनिवार की सुबह इजराइल पर हमले शुरू हुए। हमास के लड़ाकों ने इजराइली नागरिकों पर गोलीबारी की। इजराइली सैनिकों और पुलिस पर रॉकेट दागे और गाजा पट्टी के आसपास की फेंसिंग को तोड़ दिया। हमले होते ही कुछ इजराइली बॉम्ब शेल्टरों की तरफ भागे, तो कुछ दूसरे लोगों ने लड़ाकों से लड़ने की भी कोशिश की।

हमास के हमले की तस्वीरें देखें…

हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर 5 हजार रॉकेट दागे थे। इसके बाद से इजराइल-हमास जंग जारी है।
हमास की तरफ दागे गए कई रॉकेट इजराइल के अश्कलोन शहर में गिरे। यहां पार्किंग लॉट में खड़ी गाड़ियां जलकर खाक हो गईं।
हमास के हमले में इजराइल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान हुआ है।
हमास के लड़ाकों ने इजराइल बॉर्डर पर लगी फेंसिंग तोड़कर घुसपैठ की थी।
हमास के लड़ाकों ने इजराइली सेना के कई टैंक तबाह कर दिए।

हमास को कहां से मिलती है फंडिंग
अमेरिका और यूरोप ने हमास को एक आतंकी संगठन घोषित किया है। इसलिए उसे आधिकारिक मदद नहीं मिल पाती जैसे वेस्ट बैंक में PLO को मिलती है। फिलिस्तीनी प्रवासियों और फारस की खाड़ी के प्राइवेट डोनर्स ने इस उग्रवादी आंदोलन को ज्यादातर फंडिंग की है। कुछ इस्लामिक चैरिटी ने हमास समर्थित ग्रुप्स को पैसा दिया है।

गाजा की माली हालत बेहद खराब है। गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनियों की जिंदगी अंतरराष्ट्रीय मदद पर निर्भर है। ये मदद आमतौर पर संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के जरिए गाजा तक पहुंचती है। इस वक्त हमास के सबसे बड़े मददगारों में ईरान शामिल है। वो पैसा, हथियार और ट्रेनिंग सब दे रहा है। एक अनुमान के मुताबिक ईरान हमास को सालाना करीब 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 830 करोड़ रुपए की मदद देता है।

2002 में राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के सत्ता में आने के बाद से तुर्की हमास का एक कट्टर समर्थक और इजराइल का आलोचक रहा है। तुर्की केवल राजनीतिक रूप से हमास का समर्थन करने की बात करता है, लेकिन उस पर हमास के उग्रवाद को भी फंडिंग करने का आरोप लगाया जाता है।

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