अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के चीफ विलियम बर्न्स ने कहा है कि पुतिन वैगनर चीफ प्रिगोजिन से बगावत करने का बदला जरूर लेंगे। वो बस सही समय का इंतजार कर रहे हैं। एक सिक्योरिटी फोरम के दौरान बर्न्स ने कहा कि पिछले महीने रूस में जो कुछ हुआ उसने वहां के खोखले हो चुके सिस्टम को उजागर किया है।
दरअसल, फोरम के दौरान CIA चीफ से प्रिगोजिन के भविष्य को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने ये जानकारी दी। उन्होंने कहा- रूस में हालात काफी पेचीदा हैं। प्रिगोजिन बगावत के बाद काफी ट्रैवल कर रहे हैं। वो बेलारूस और फिर मॉस्को गए। अफ्रीका में रूस के लिए वैगनर अभी भी काफी जरूरी है। इसके चलते पुतिन पहले वैगनर आर्मी पर प्रिगोजिन के असर को खत्म करेंगे। उसके बाद ही कोई बड़ा फैसला लेंगे।
पुतिन बदला लेने में माहिर
CIA चीफ ने कहा है कि पुतिन वो हैं जिन्हें लगता है कि बदला लेना है तो पहले मामले को ठंडा करना जरूरी है। बर्न्स कहते हैं- पुतिन बदला लेने में माहिर हैं, अगर प्रिगोजिन बगावत के बावजूद बच जाते हैं तो ये उनके लिए काफी हैरानी की बात होगी।
बर्न्स ने बताया कि उन्हें प्रिगोजिन की बगावत के बारे में पहले से पता था। उन्होंने कहा कि रूस के आर्मी जनरल सर्गेई सुरोविकिन को भी प्रिगोजिन के विद्रोह की पहले से जानकारी थी। रूस में अब उनकी आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।
23 जून को वैगनर ने किया था विद्रोह
23 जून को वैगनर ग्रुप ने रूस के खिलाफ विद्रोह की घोषणा की थी। वैगनर आर्मी यूक्रेन के कैंप छोड़कर रूसी सीमा में दाखिल हो गई थी। उसने रोस्तोव शहर और मिलिट्री हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया था। प्रिगोजिन ने तब कहा था- हम मरने से नहीं डरते। उन्होंने दावा किया था कि वैगनर लड़ाकों ने रूसी सेना के कई हेलिकॉप्टर्स को मार गिराया। प्रिगोजिन ने रूस के रक्षा मंत्री को रोस्तोव आकर मिलने के लिए कहा था।
रूस पर अमेरिका की और पाबंदियां
यूक्रेन जंग का हवाला देते हुए अमेरिका ने गुरुवार को रूस से जुड़ी 120 कंपनी और लोगों पर पाबंदी की घोषणा की है। इनका मकसद रूस के मेटल और माइनिंग इंडस्ट्री से कमाए जाने वाले मुनाफे को कम करना है।
अमेरिका ने रूस को इलेक्ट्रॉनिक सामान पहुंचाने वाली UAE और किर्गिस्तान की कंपनी पर भी पाबंदियां लगाई हैं। इन पाबंदियों को लेकर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है कि ये सिर्फ शुरुआत है। रूस पर अमेरिकी पाबंदियां तब तक लगाई जाती रहेंगी जब तक यूक्रेन जंग खत्म नहीं हो जाती है।
फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इन पाबंदियों को जापान में हुई G7 की बैठक के दौरान तैयार किया गया था।
