रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि उनका फिलहाल जंग खत्म करने का कोई इरादा नहीं है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि रूस के साथ जंग के बीच यूक्रेन को NATO से मिल रही लगातार मदद दुनिया को तीसरे वर्ल्ड वॉर के और करीब ले जा रही है। लिथुआनिया में हो रही NATO समिट पर मेदवेदेव ने कहा- भले ही पश्चिमी देश लगातार यूक्रेन को मिलिट्री एड पहुंचा रहे हैं, लेकिन इससे रूस को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
रूसी मीडिया TASS के मुताबिक, मेदवेदेव ने कहा- मॉस्को यूक्रेन से उस नए नाजी ग्रुप को हटाना चाहता है जो NATO में जुड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब ऐसा मुमकिन नहीं लगता है। इसलिए अब यूक्रेन में सरकार को हटाना जरूरी हो गया है। पश्चिमी देश पागल हो चुके हैं इसलिए वो कुछ और नहीं सोच पा रहे। अब इसका कोई समाधान नहीं बचा है। तीसरा विश्व युद्ध करीब है।
रूस भी इस्तेमाल करेगा क्लस्टर बम
वहीं अमेरिका के यूक्रेन को क्लस्टर हथियार देने के फैसले पर पूर्व राष्ट्रपति ने कहा- यूक्रेन ने इन अमानवीय हथियारों को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। अगर जरूरत पड़ी तो रूस भी इनके इस्तेमाल से कतराएगा नहीं। इससे पहले रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोउगू ने भी मंगलवार को कहा था कि अगर अमेरिका यूक्रेन को क्लस्टर वेपन भेजेगा तो वो भी इनका इस्तेमाल शुरू कर देंगे।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी मंगलवार को कहा था कि यूक्रेन में युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक पश्चिमी देश रूस को रणनीतिक तौर पर हराने के लिए यूक्रेन को मोहरा बनाना बंद नहीं करेंगे। अगर वो चाहते हैं कि ये जंग खत्म हो जाए, तो उन्हें रूस को हराने के ख्वाब देखने बंद करने होंगे।
वहीं अमेरिका में मौजूद रूस के ऐंबैस्डर एनाटोली एंटोनोव ने कहा- पश्चिमी सैन्य गुट ने रूस की सीमाओं पर सैनिकों को केंद्रित करने की योजना बनाई है। अब हमारे पास पीछे हटने का कोई ऑप्शन नहीं है।
पुतिन के अरेस्ट वारंट पर पूर्व राष्ट्रपति ने ICC को दी थी धमकी
रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव को पुतिन का वफादार माना जाता है। वे 2008 से 2012 तक रूस के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं। 17 मार्च को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ ICC ने यूक्रेन में वॉर क्राइम के आरोप में अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद मेदवेदेव ने कोर्ट को भी धमकी दी थी।
उन्होंने अपने टेलिग्राम अकाउंट पर लिखे स्टेटमेंट में ICC को एक बेकार अंतरराष्ट्रीय संगठन बताते हुए वहां के जजों को मिसाइल हमले के लिए आसमान में नजर बनाए रखने की सलाह दी थी। मेदवेदेव ने कहा था- ये मुमकिन है कि नॉर्थ सी में रूसी वॉरशिप से निकली एक हाइपरसोनिक मिसाइल द हेग में ICC के हेडक्वार्टर पर गिरे। कोर्ट के लिए इसे रोकना नामुमकिन होगा।
रूस-यूक्रेन कर रहे क्लस्टर बम का इस्तेमाल
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) की रिपोर्ट के मुताबिक रूस और यूक्रेन दोनों ही जंग में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 2022 में यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले इलाके में क्लस्टर बम दागे थे। इसमें 8 बेगुनाह नागरिकों की मौत हो गई थी। HRW की अधिकारी मैरी वेयरहेम के मुताबिक जंग में क्लस्टर बम के इस्तेमाल से लोगों की जान जा रही है और सालों तक जाती रहेगी।
क्या होते हैं क्लस्टर बम
क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार है, जिसे हवा में रिलीज करने पर कई छोटे-छोटे बम निकलते होते हैं। ये छोटे बम साधारण बमों की तुलना में ज्यादा इलाके को प्रभावित करते हैं। ये खतरनाक इसलिए माने जाते हैं क्योंकि मुख्य बम से निकलने वाले कई सारे छोटे विस्फोटक निर्धारित लक्ष्य के आसपास भी नुकसान पहुंचाते हैं। ज्यादातर मामलों में इनकी चपेट में आम नागरिक भी आते हैं। इन्हें लड़ाकू विमानों के जरिए आसमान और तोपों के जरिए जमीन से भी दागा जा सकता है।
बम के फटने के बाद आसपास गिरने वाले छोटे विस्फोटक लंबे समय तक पड़े रह सकते हैं। ऐसे में जंग खत्म हो के बाद भी इनकी चपेट में आने से जान जा सकती है। यह विरोधी सैनिकों को मारने या उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
