अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के डॉग ‘कमांडर’ को व्हाइट हाउस से निकाल दिया गया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उसने सीक्रेट सर्विस की फीमेल अफसर को काट लिया था। ये 11वीं बार था जब बाइडेन के डॉग ने व्हाइट हाउस या सीक्रेट सर्विस के स्टाफ पर अटैक किया। बाइडेन की पत्नी जिल की प्रवक्ता एलिजाबेथ एलेक्जेंडर ने बुधवार को कमांडर के अमेरिकी राष्ट्रपति भवन से निकाले जाने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कमांडर अब व्हाइट हाउस में नहीं है। राष्ट्रपति बाइडेन और उनकी पत्नी व्हाइट हाउस के स्टाफ की सेफ्टी चाहते हैं। इसलिए ये फैसला किया गया है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि कमांडर को कहां भेजा गया है। आखिरी बार 2 साल के जर्मन शेफर्ड – कमांडर को पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस की बाल्कनी में देखा गया था।
‘कमांडर’ व्हाइट हाउस से निकाला गया बाइडेन का दूसरा डॉग
ये पहली बार नहीं है जब व्हाइट हाउस से बाइडेन के डॉग को सीक्रेट सर्विस के स्टाफ पर हमला करने के लिए निकाला गया है। इससे पहले भी उनके मेजर नाम के जर्मन शेफर्ड को निकाल दिया गया था। उसे डेलावेयर में बाइडेन के निजी घर भेज दिया गया था। वहीं, कमांडर को बाइडेन के भाई जेम्स ने उन्हें दिसंबर 2021 में गिफ्ट किया था। बाइडेन के पास विलो नाम की एक बिल्ली भी है।
अक्टूबर 2022 से जनवरी तक आए अटैक के मामलों के बाद बाइडेन को इस मामले में निजी तौर पर दखल देनी पड़ी थी। कमांडर को व्हाइट हाउस से निकाले जाने से पहले उसके लिए एक अलग से ट्रेनिंग एरिया और प्लेग्रांउड बनाया गया था।
इस तस्वीर अखबार में फिर उठा मुद्दा
डेलीमेल ने ये तस्वीर अपनी वेबसाइट पर पब्लिश कर बताया कि बाइडेन के डॉग ‘कमांडर’ ने सीक्रेट सर्विस के एजेंट के बाद व्हाइट हाउस के स्टाफ को काटा। हालांकि, जिल बाइडेन के ऑफिस ने बताया है कि ये दावा गलत है। कमांडर सिर्फ व्हाइट हाउस के ग्राउंड कीपर के साथ खेल रहा था। हालांकि, ये तस्वीर वायरल होने के बाद ही कमांडर पर एक्शन लिया गया।
बाइडेन ने कमांडर को क्यों निकाला?
कमांडर को व्हाइट हाउस से निकालने में सबसे अहल रोल बाइडेन की सिक्योरिटी करने वाली सीक्रेट सर्विस का है। ये एजेंसी 1865 में बनी थी, हालांकि इसे राष्ट्रपति की सुरक्षा का काम 1901 में सौंपा गया था। इसके लिए लगभग 7000 हजार एजेंट और अफसर सीक्रेट सर्विस में काम करते हैं। इसमें महिलाएं भी हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति माने जाते हों, लेकिन उनकी सुरक्षा पर फैसले लेने का काम सीक्रेट सर्विस का है। अगर राष्ट्रपति चाहें भी कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाता है। अगर अमेरिका के राष्ट्रपति किसी भी देश की यात्रा करने का फैसला करते हैं, तो तय तारीख से लगभग तीन महीने पहले ही सीक्रेट सर्विस अपना काम शुरू कर देती है।
राष्ट्रपति एक तरह से सुरक्षा के कवच में चलते हैं जिसमें मल्टी लेयर सिक्योरिटी है। ये ना सिर्फ़ बहुत मजबूत है बल्कि बहुत महंगी भी है। दरअसल, अमेरिका ने अपने चार राष्ट्रपतियों की हत्या देखी है। 1865 में अब्राहम लिंकन, 1881 में जेम्स गारफील्ड, 1901 में विलियम मैकिनली, 1963 में जॉन एफ़ केनेडी।
सीक्रेट सर्विस बाइडेन की सिक्योरिटी के लिए काफी गंभीर है, इस मामले को लेकर वो किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। ऐसे में जब राष्ट्रपति के कुत्तों ने सीक्रेट सर्विस पर हमला करना शुरू किया तो बाइडेन को उन्हें वहां से निकालना पड़ा।
