जंग फिर शुरू होने से 8 मिनट पहले बढ़ा सीजफायर:हमास बोला- कैद में 10 महीने के इजराइली की मौत; फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट अहद तमीमी रिहा

By Abhishek Raghuvanshi
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फुटेज उस वक्त का है, जब हमास ने बिबास परिवार को किबुत्ज से अगवा किया था।

इजराइल-हमास के बीच सीजफायर खत्म होने से 8 मिनट पहले यानी 10:22 बजे (भारतीय समयानुसार) इसे 1 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इजराइल और कतर के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हमास ने आज आजाद होने वाले 10 बंधकों की लिस्ट दी है, जिसे इजराइल ने पास कर दिया है।

युद्ध विराम के तहत हमास हर दिन 10 बंधकों को छोड़ेगा। इसके बदले में इजराइल 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इजराइली सेना ने बताया कि सीजफायर की दूसरी शर्तों पर अब भी बातचीत जारी है।

इससे पहले टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, युद्ध विराम के छठे दिन हमास ने 5 बच्चों समेत कुल 16 लोगों को आजाद किया। पहले दो रूसी-इजराइली महिलाओं को रिहा किया गया। बाद में 10 इजराइली और 4 थाई नागरिकों को आजाद किया। IDF के मुताबिक, अब हमास के खिलाफ करीब 159 बंधक बचे हैं।

बदले में इजराइल ने भी करीब 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया। इसमें 22 साल की फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट अहद तमीमी भी शामिल थी, जिसने इजराइलियों का खून पीने की धमकी दी थी।

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तस्वीर उन 12 इजराइलियों की है, जिन्हें बुधवार को हमास ने आजाद किया। इसमें दो रूसी-इजराइली महिलाएं भी शामिल हैं।

हमास का दावा- इजराइली हमले में मारे गए बिबास परिवार के बंधक
हमास ने बताया है कि 7 अक्टूबर को उसने बिबास परिवार के 3 सदस्यों को अगवा किया था। इनकी गाजा में इजराइल हमले के दौरान मौत हो गई है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हमास ने बिबास परिवार में 32 साल की शीरी बिबास को उसके दो बच्चों 4 साल के एरियल और 10 महीने के कफीर के साथ अगवा किया था।

दोनों बच्चों के पिता को भी बाद में बंधक बनाया गया। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, हमास ने बताया कि उसने बिबास परिवार को दूसरे आतंकी संगठन के हवाले कर दिया था। उन्हें खान यूनिस में बंधक बनाकर रखा गया था। हालांकि, इजराइली सेना ने बिबास परिवार की मौत की पुष्टि नहीं की है।

उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों को जानकारी दी है कि मामले में जांच की जा रही है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, साइकोलॉजिकल वॉरफेयर के तहत हमास पहले भी बंधकों के मारे जाने से जुड़े दावे कर चुका है।

तस्वीर बिबास परिवार की है, जिसे हमास ने 7 अक्टूबर को अगवा कर लिया था।

हमास बंधक की मां बोली- मुझे कैंसर है, मरने से पहले बेटी को देखना चाहती हूं
हमास की कैद में मौजूद बंधक नोआ आरगामनी की मां लिओरा आरगामनी ने एक वीडियो मैसेज जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा- मैं चौथे स्टेज के ब्रेन कैंसर से पीड़ित हूं। मुझे नहीं पता कि मैं कितने दिनों तक जीवित रहने वाली हूं। मैं मरने से पहले अपनी बेटी नोआ को घर आते देखना चाहती हूं। वो मेरी इकलौती बेटी है।

नोआ को हमास ने 7 अक्टूबर को नोवा फिल्म फेस्टिवल से अगवा किया था। हमास लड़ाके की बाइक पर बैठकर मदद के लिए चिल्लाते हुए उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। नोआ की मां ने वीडियो में बेटी से कहा- अगर तुम मेरे जिंदा रहने तक न लौट पाओ तो मैं तुम्हे ये बताना चाहती हूं कि हमने तुन्हें वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश की। पूरी दुनिया तुमसे बहुत प्यार करती है।

फुटेज नोआ की मां लिओरा आरगामनी के वीडियो से लिया गया है, जिसमें उन्होंने बेटी को आजाद करने की गुहार लगाई है।

गाजा में सड़कों पर सो रहे फिलिस्तीनी
इस बीच गाजा के हाल सुधर नहीं रहे हैं। जंग के चलते गाजा में मानवीय संकट बना हुआ है। यहां लोगों के पास रहने को घर नहीं है। वो सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। खाना-पानी भी मुश्किल से मिल रहा है। सीजफायर के दौरान राहत का सामान लिए ट्रक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन ये सामान लेने लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। BBC के मुताबिक, सैंकड़ों लोग रसोई गैस लेने तीन दिन से लाइन में लगे हैं।

गाजा में फिलिस्तीनी लोग आटे की कई बोरियां एक साथ ले जा रहे हैं। उनका कहना है कि इजराइली हमले कभी भी शुरू हो सकते हैं। वो पहले से खाना स्टोर कर रहे हैं।

7 अक्टूबर को हुई यौन हिंसा की जांच हो
7 अक्टूबर को हमास ने इजराइल पर हमला कर किया था। हमास लड़ाके कई लोगों को बंधक बनाकर ले गए थे। खबरें थीं कि इस दौरान उन्होंने कई महिलाओं और बच्चियों का रेप किया। जंग शुरू होने के बाद पहली बार 29 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस यौन हिंसा पर बयान दिया। उन्होंने कहा- 7 अक्टूबर को हुई यौन हिंसा की भी जांच होनी चाहिए।

अमेरिका ने हमास को फंड देने वाले ईरानी नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाया
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने हमास और हिज्जबुल्लाह जैसे संगठन को फंड देने वाले ईरान के फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस नेटवर्क से जुड़े 20 लोगों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। ईरान इन संगठनों का समर्थन करता है। इन्हें हथियारों की सप्लाई भी करता है।

हमास चीफ से कहा- तुम्हें खुद पर शर्म क्यों नहीं आती
पिछले महीने हमास कैद से आजाद हुई 85 साल की योचेवेद लिफशिट्ज हमास लीडर याह्या सिनवार से मिली थीं। हाल ही में टाइम्स ऑफ इजराइल की खबर में कहा गया था कि हमास लीडर याह्या सिनवार ने गाजा की एक सुरंग में इजराइली बंधकों से मुलाकात की थी।

इस मुलाकात के दौरान योचेवेद लिफशिट्ज ने सिनवार से बात की थी। लिफशिट्ज ने कहा- सिनवर हमारे साथ तीन-चार दिन रहा था। मैंने उससे पूछा था कि उसे ये सब करते हुए खुद पर शर्म क्यों नहीं आती। तुम शांति की मांग करने वालों के साथ ऐसा कैसे कर सकते हो। ये सब सुनने के बाद सिनवर चुप था। उसने कुछ नहीं कहा।

हमास की कैद से पोते की रिहाई पर खुशी मनाते अमित शानि की दादा-दादी।
योचेवेद लिफशिट्ज को हमास ने 24 अक्टूबर को आजाद किया था। तस्वीर में वो बेटी शेरोन के साथ नजर आ रही हैं।
येलेना ट्रुपानोव (दाएं) और उनकी मां इरेना ताती 29 नवंबर को हमास की कैद से रिहा हुए।

नरसंहार फिर से शुरू नहीं हो सकता
फिलिस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी ने कहा- गाजा में नरसंहार फिर से शुरू नहीं हो सकता। यहां पूर्ण युद्धविराम की जरूरत है। अल-मलिकी का यह बयान नेतन्याहू के बयान के बाद सामने आया। नेतन्याहू ने 29 नवंबर को कहा था-हमारा मकसद हमास का खात्मा करना है। हम नहीं चाहते कि इजराइल पर दोबारा कोई खतरा मंडराए। इजराइली सेना सीजफायर खत्म होने के बाद हमले शुरू कर देगी।

‘अल-अक्सा फ्लड’ के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’
हमास ने इजराइल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था। उसने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।

वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।

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