चीन पर कोरोना फैलाने के आरोप से पीछे हटा अमेरिका:पहले कहा- वुहान लैब से लीक हुआ वायरस, अब बोला- इसके ठोस सबूत नहीं

By Abhishek Raghuvanshi
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ये वुहान लैब के अंदर का वीडियो है। यहीं से कोरोना वायरस लीक होने के आरोप लगे थे।

अमेरिका के एनर्जी डिपार्टमेंट ने सोमवार को दावा किया था कि कोरोना वायरस चीन की वुहान लैब से लीक हुआ है। इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज कर दिया था। चीन की प्रतिक्रिया के बाद व्हाइट हाउस ने कहा है कि कोविड-19 वायरस के लीक होने को लेकर अभी कोई पक्का नतीजा नहीं निकाला गया है।

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा- हमारे इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट और सरकार अभी भी कोरोना के लीक होने को लेकर जांच कर रही है। इसमें अभी कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं है इसलिए इस मामले में कुछ भी कहना मुश्किल है। मैं वायरस के लीक होने को लेकर किसी भी रिपोर्ट का बचाव करना जरूरी नहीं समझता हूं।

जॉन किर्बी ने कहा- कोरोना के लीक होने को लेकर अभी जांच चल रही है।

सच को बाहर लाना चाहते हैं बाइडेन
जॉन किर्बी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- राष्ट्रपति बाइडेन सिर्फ इतना चाहते हैं कि सब लोग मिलकर सच सामने लाने के लिए काम करें और हम यही कर रहे हैं। जब हमारे पास कुछ ठोस सबूत होंगे तो उसे अमेरिका के लोगों और दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। इसकी मदद से हमें भविष्य में ऐसी महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी।

माओ निंग ने कहा कि कोरोना साइंस का मामला है, इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

चीन ने अमेरिकी रिपोर्ट को किया खारिज
इससे पहले चीन ने अमेरिका के एनर्जी डिपार्टमेंट की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कोविड-19 वायरस चीन की वुहान लैब से लीक हुआ है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा- कोरोना की उत्पत्ति की खोज साइंस से जुड़ा मामला है और इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। कई अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स पहले ही कह चुके हैं कि वायरस के वुहान लैब से लीक होने की बहुत ही कम आशंका है।

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ये तस्वीर 14 जनवरी, 2021 की है, जब अंतरराष्ट्रीय जांच टीम जांच के लिए वुहान पहुंची थी।

रिपोर्ट पर नहीं किया जा सकता भरोसा
माओ निंग ने कहा- WHO और चीन के जॉइंट मिशन के तहत एक्सपर्ट्स ने वुहान लैब में कई फील्ड ट्रिप्स की थीं। इस दौरान हमारे रिसर्चर्स से बात की गई थी। इसके बाद ही उन्होंने वायरस के यहां से लीक होने की बात को खारिज किया था, जिसको कई अंतरराष्ट्रीय समुदायों ने मान्यता दी थी। अमेरिका की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट को ‘लो कॉन्फिडेंस असेसमेंट’ कहा गया है। इसका मतलब है कि उस पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता है और उसमें सही नतीजे के लिए पर्याप्त जानकारी मौजूद नहीं है।

ये तस्वीर नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर एवरिल हैन्स की है। इन्होंने ही फाइनल रिपोर्ट पेश की थी।

अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट ने जारी की थी रिपोर्ट
दरअसल, सोमवार को अमेरिकी एनर्जी डिपार्टमेंट ने कोरोना वायरस से जुड़ी फाइनल रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि सुरक्षा में चूक होने की वजह से वायरस वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) से लीक हुआ था। इसके बाद महज कुछ दिनों में यह पूरी दुनिया में फैल गया। हालांकि, कुछ अधिकारियों का मानना है कि ये रिपोर्ट काफी कमजोर है। इसका निष्कर्ष किसी ठोस बुनियाद पर नहीं निकाला गया है।

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