ऑस्ट्रिया में हिटलर का घर पुलिस स्टेशन बनेगा:मानवाधिकारों की ट्रेनिंग दी जाएगी, 2016 में सरकार ने इसे 7 करोड़ देकर खरीदा

By Abhishek Raghuvanshi
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ऑस्ट्रिया में हिटलर के घर को अब पुलिस स्टेशन बनाने की तैयारी की जा रही है। जहां पुलिस वालों को मानवाधिकारों की ट्रेनिंग दी जाएगी। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक ये जगह ऑस्ट्रिया के ब्रोनाऊ में है। जो जर्मनी के बॉर्डर से काफी करीब है।

हिटलर यहां 20 अप्रैल 1889 में पैदा हुआ था। हालांकि, वो 3 साल की उम्र तक ही यहां रहा। किराये का घर होने की वजह से हिटलर का परिवार यहां से चला गया था। 2016 में काफी लंबे विवाद के बाद ऑस्ट्रिया की सरकार ने इस बिल्डिंग को खरीद लिया था।

तस्वीर हिटलर के बचपन की है। वो जर्मनी के पास ऑस्ट्रिया में पैदा हुआ था।

सेकेंड वर्ल्ड वॉर में नाजियों ने इसे धार्मिक स्थल बनाया
2016 में सरकार ने हिटलर के घर को लेकर एक कमेटी बनाई थी। इसने सुझाव दिया था कि हिटलर के इतिहास को देखते हुए घर को तोड़ दिया जाना चाहिए। हालांकि, उस समय घर के तोड़े जाने का जमकर विरोध हुआ था। देश के कई बड़े नेताओं और लोगों ने कहा था कि इससे देश में हुई बड़ी घटना का इतिहास मिट जाएगा। जो हुआ उसके बारे में आगे की पीढ़ियां भी जान पाएं इसलिए बिल्डिंग नहीं गिराई जानी चाहिए।

सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान नाजियों ने इस बिल्डिंग को एक धार्मिक में बदल दिया था। नाजी समर्थक लोग यहां टूरिस्ट बनकर आते थे। हालांकि, 1944 में जंग के आखिरी समय में हालात बदलने लगे।

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तस्वीर 1940 के दशक की हिटलर के घर की है, जब नाजी यहां टूरिस्ट बनकर आते थे।

बिल्डिंग में अब भी लगता था नाजियों का अड्डा
हिटलर जिस बिल्डिंग में पैदा हुआ उस पर जेर्लिंडे पोमर नाम की महिला का मालिकाना कब्जा था। जिसे ये घर अपने पू्र्वजों से मिला था। 1972 से सरकार ने इसे किराया पर लिया हुआ था। इसमें विकलांग लोगों के लिए केंद्र चलाया जाता था। जिसे 2011 में बंद कर दिया गया। तब से ये बिल्डिंग खाली है।

सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद भी हिटलर के समर्थक ऑस्ट्रिया में उसके घर में इकट्ठा होते थे।

2011 में सरकार ने इसे खरीदने का ऑफर दिया था। हालांकि, जेर्लिंडे ने सरकार के दबाव के बावजूद इसे बेचने ले इनकार कर दिया था। बिल्डिंग में कई बार नाजी समर्थकों का जमावड़ा लगता था। जिसके चलते सरकार का इसे खरीदना जरूरी हो गया था। 2016 में सरकार ने 7 करोड़ रुपए देकर महिला से बिल्डिंग को खरीद लिया था। अब 2025 तक इसे पुलिस स्टेशन में बदलने का काम पूरा होने के अनुमान हैं।

जर्मनी के लिए पहले विश्वयुद्ध में लड़ा था हिटलर
साल 1913 में 24 साल की उम्र में हिटलर जर्मनी के म्यूनिख शहर में आ गया। इसी साल गर्मियों में पहला विश्व युद्ध छिड़ गया। हिटलर ने यहां के राजा से युद्ध में लड़ने की अनुमति मांगी। अक्टूबर 1914 में उसे बेल्जियम में तैनात किया गया। चार साल तक चले पहले विश्व युद्ध में हिटलर अलग-अलग मोर्चों पर लड़ता रहा।

आखिरकार इस युद्ध में जर्मनी की हार हुई और ज्यादातर जर्मन लोगों की तरह हिटलर को भी यही लगा कि इस युद्ध में जर्मनी के हार की वजह वहां के खुद के लोग हैं। लोगों ने उस मुश्किल वक्त में ‘देशभक्ति’ नहीं दिखाई। हिटलर के उभार के पीछे उसका यह विश्वास भी एक वजह बना।

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