इमरान के घर से भाग रहे 8 लोग गिरफ्तार:पुलिस ने कहा- नहर के रास्ते भागना चाहते थे, ऑपरेशन के लिए स्पेशल टीम तैयार

By Abhishek Raghuvanshi
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के घर सिक्योरिटी फोर्सेज रेड कर सकती हैं। पंजाब प्रांत की केयरटेकर गवर्नमेंट के मुताबिक- खान के जमान पार्क वाले घर में 40 आतंकी छिपे हैं। इन्हें सिक्योरिटी फोर्सेज के हवाले करने का अल्टीमेटम गुरुवार दोपहर 2 बजे खत्म हो गया था।

इस बीच, एक पुलिस अफसर ने मीडिया से कहा- हमारी टीम ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग जमान पार्क से भागने की कोशिश कर रहे थे। इनसे पूछताछ जारी है।

भागने के लिए नहर का सहारा
इस अफसर ने कहा- जमान पार्क के करीब एक पुल है। इसके नीचे नहर है। पुलिस ने पुल पर पहले ही चेकपॉइंट लगा रखा था। लिहाजा, कुछ लोग नहर के रास्ते भागने की कोशिश कर रहे थे। 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। कुछ लोग और ऐसा ही करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वो हमारी टीम को देखकर वापस जमान पार्क चले जाते हैं। हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि जमान पार्क में कई लोगों को छिपाया गया है। जैसे ही ऑर्डर मिलेगा, सिक्योरिटी फोर्सेज ऑपरेशन शुरू कर देंगी।

प्रेसिडेंट अल्वी बोले- पुलिस का एक्शन गलत

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प्रेसिडेंट आरिफ अल्वी के साथ इमरान। इमरान ने ही अल्वी को राष्ट्रपति बनाया था। (फाइल)

इमरान के करीबी दोस्त और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने पहली बार 9 और 10 मई को हुई हिंसा पर रिएक्शन दिया। ‘जियो न्यूज’ को दिए इंटरव्यू ने अल्वी ने कहा- इमरान को 9 मई को हुई हिंसा की निंदा करना चाहिए। हालांकि, पुलिस भी गलत कार्रवाई कर रही है। तमाम पार्टियों को एकजुट होकर मुल्क की मुश्किलों का हल निकालना होगा। ये आरोप गलत है कि मैं किसी मामले में दखलंदाजी करता हूं।

होम मिनिस्टर बोले- हमारे पास सबूत

पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह। (फाइल)

पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने जियो न्यूज से कहा- हमारे पास तमाम टेक्निकल एविडेंस हैं। 8 मई को खैबर पख्तूनख्वा से करीब 88 लोग जमान पार्क लाए गए थे। इन्हीं लोगों ने 9 मई को जिन्ना हाउस, आर्मी हेडक्वॉर्टर और ISI हेडक्वॉर्टर पर हमले किए थे। इन लोगों की शिनाख्त के बाद मोबाइल फोन ट्रेस किए गए। लोकेशन जमान पार्क में मिली। या तो खान खुद इन्हें सौंप दें, या सिक्योरिटी फोर्सेज अपना काम करेंगीं।

राणा ने आगे कहा- ये 40 लोग वही हैं, जिन्हें जब इमरान प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने रिहा किया था। इनका ताल्लुक तालिबान से है। खान अब इन्हें सिक्योरिटी फोर्सेज के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं।

इमरान के करीबी ने पार्टी छोड़ी
इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सीनियर लीडर, पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर और खान के स्पेशल एडवाइजर मलिक अमीन असलम ने पार्टी छोड़ दी है। असलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मुल्क को तोड़ने वाले एजेंडे के साथ चलना नामुमकिन है। मलिक PTI वर्किंग कमेटी के चेयरमैन थे। अब तक कुल 6 सीनियर लीडर PTI छोड़ चुके हैं।

NAB के सामने पेश नहीं हो रहे इमरान-बुशरा

  • इमरान गुरुवार को भी NAB के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। NAB अब तक कई बार इमरान और पत्नी बुशरा को पूछताछ के लिए बुला चुकी है, लेकिन दोनों ही हाजिर नहीं होते। हर बार उनके वकील बहाना बनाकर कोर्ट से राहत हासिल कर लेते हैं।
  • इसी अल कादिर ट्रस्ट केस में 9 मई को NAB ने खान को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी को 8 दिन की रिमांड भी मिली थी, लेकिन इसके पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने खान को रिहा कर दिया। अब उन्हें तमाम केसों में 31 मई तक गिरफ्तारी से राहत दी जा चुकी है।
  • NAB के एक अफसर ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने खान से साफ कहा है कि उन्हें जांच एजेंसी के साथ हर तरह का सहयोग करना होगा। इसका मतलब ये हुआ कि अगर वो पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए तो उनकी परेशानियां बढ़ जाएंगीं।
9 और 10 मई को पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में PTI कार्यकर्ताओं ने हिंसा और आगजनी की थी। 3 दिन स्कूल और कॉलेज बंद रहे थे।

लाहौर वाले घर को सिक्योरिटी फोर्सेज ने घेरा

  • पंजाब प्रांत की केयरटेकर सरकार ने बुधवार को कहा था- इमरान खान के घर 40 आतंकी छिपे हैं। अगर खान ने 24 घंटे में इन्हें पुलिस के हवाले नहीं किया तो फिर सिक्योरिटी फोर्सेज कार्रवाई करेंगीं। 24 घंटे की डेडलाइन गुरुवार दोपहर 2 बजे खत्म हो गई।
  • जैसे ही पंजाब सरकार के मिनिस्टर आमिर मीर ने यह बयान दिया, उसके चंद मिनट बाद सिक्योरिटी फोर्सेज ने खान के घर जमान पार्क जाने वाले हर रास्ते को बंद कर दिया। पुलिस, रेंजर्स के अलावा फौज भी मौजूद है।
  • आमिर ने कहा था- खान के घर छिपे 40 दहशतगर्द वही हैं, जिन्होंने सिक्योरिटी फोर्सेज पर पेट्रोल बम फेंके और फायरिंग की। ये वही हैं जिन्होंने आर्मी हेडक्वॉर्टर पर अटैक किया।
तस्वीर लाहौर की है। यहां 9 मई को भीड़ ने एम्बुलेंस को रोक लिया था, बाद में उसे आग के हवाले कर दिया था। मरीजों को उसमें से उतार दिया गया था।

फौज ने कहा- माकूल जवाब देंगे
मंगलवार को फौज के कोर कमांडर्स और फिर नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग हुई थी। हिंसा और अपने अफसरों के घर हमले पर फौज ने कहा- हमले साजिश के तहत हुए। फौज को गद्दार बताया जा रहा है। हमने गुनहगारों की पहचान कर ली है। अब उन्हें माकूल जवाब दिया जाएगा। ये जरूरी है, क्योंकि कुछ लोग सिविल वॉर चाहते हैं। इस्लामाबाद में रेड अलर्ट है।

9 मई को हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। इमरान का दावा है कि पुलिस फायरिंग में 25 लोगों की मौत हुई थी।

क्या है अल-कादिर ट्रस्ट केस

  • सरकार के मुताबिक खान जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने लैंड माफिया मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। लंदन में उसके 40 अरब जब्त कराए। बाद में ये पैसा ब्रिटेन सरकार ने पाकिस्तान को सौंप दिया। इमरान ने यह जानकारी कैबिनेट को भी नहीं दी। आरोप है कि यह पैसा एक सीक्रेट अकाउंट के जरिए इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के खाते में ट्रांसफर कराई गई। कुल मिलाकर यह घोटाला 60 अरब पाकिस्तानी रुपए का है।
  • इसके बाद इमरान ने अल कादिर ट्रस्ट बनाया। इसने मजहबी तालीम देने के लिए अल कादिर यूनिवर्सिटी बनाई। इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी। बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए। उसे करोड़ों रुपए के सरकारी ठेके भी मिले।
  • होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने कहा- 60 अरब रुपए की चपत सरकारी खजाने को लगी। 13 महीने में एक बार भी इमरान या बुशरा पूछताछ के लिए नहीं आए। 4 साल बाद भी इस यूनिवर्सिटी में 32 स्टूडेंट्स ही हैं।
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