आतंकी पर बैन से चीन को दिक्कत:पठानकोट-पुलवामा हमले में आरोपी है रउफ; ड्रैगन ने UN में भारत के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाया

By Abhishek Raghuvanshi
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई अब्दुल रउफ अजहर को ब्लैकलिस्ट करने की दोबारा मांग उठाई, लेकिन चीन ने इस पर आपत्ति जता दी। पड़ोसी देश ने भारत की तरफ से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 ISIL और अलकायदा प्रतिबंधित सूची में रउफ अजहर को शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध किया है।

इससे पहले पिछले साल अगस्त में भी भारत और अमेरिका ने अब्दुल रउफ को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव पेश किया था। तब भी चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इसे रोक दिया था। चीन के एक प्रवक्ता ने कहा था, ‘हमने मामले को समझने के लिए समय चाहिए। इस कारण इस प्रस्ताव को रोका गया है।’ हालांकि, प्रपोजल को UNSC के बाकी 14 मेंबर्स का समर्थन हासिल था।

तस्वीर में अब्दुल रउफ (बाएं) और जैश चीफ मसूद अजहर (दाएं) नजर आ रहा है।

US ने 2010 में रउफ को आतंकी घोषित किया था
अमेरिका 2010 में रउफ पर प्रतिबंध लगा चुका है। उस पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और भारत में आत्मघाती हमले आयोजित करने का आरोप है। इसके बाद रउफ को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन चीन हर बार पाकिस्तान का साथ देते हुए इससे पीछे हट जाता है।

लश्कर के राजनीतिक विंग का हेड मक्की आतंकी घोषित
इस साल जनवरी में लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक विंग के हेड और हाफिज सईद के बहनोई मक्की को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया था। अमेरिका और भारत ने मिलकर ही इस प्रस्ताव को भी पेश किया था, जिसपर चीन ने पहले तो आपत्ति जताई थी, लेकिन बाद में मंजूरी दे दी थी। इसके बाद UNSC की अलकायदा सैन्कशन कमिटी ने सर्वसम्मति से मक्की को आतंकियों की लिस्ट में शामिल कर लिया था।

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ये तस्वीर लश्कर आतंकी मक्की की है।

74 साल का मक्की लश्कर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। मक्की, भारत और खासकर जम्मू-कश्मीर में हिंसा और हमलों को अंजाम देने के लिए योजना बनाने, धन जुटाने, आतंकियों की भर्ती करने और युवकों का ब्रेनवॉश कर कट्टरपंथी बनाने के काम में शामिल रहा है।

मसूद अजहर का भाई है अब्दुल रउफ
अजहर का जन्म 1974 में पाकिस्तान में हुआ था। वो मसूद का भाई है और उसकी गैर मौजूदगी में जैश से संबंधित सभी फैसले लेता है। अब्दुल ने ही साल 1999 में इंडियन विमान को हाईजैक किया था। इस वजह से भारत को मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा था। तभी से रउफ भारत के टॉप पांच मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की सूची में शामिल है। अजहर 2007 में जैश एक्टिंग कमांडर के रूप में भी काम कर चुका है।भारत में 2001 का जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हमला, 2016 में पठानकोट आतंकी हमला, पुलवामा आतंकी हमला जैश ने ही करवाया था।

वैश्विक आतंकी घोषित होने के बाद क्या होता है
किसी भी शख्स को वैश्विक आतंकी घोषित करने का फैसला UN की सुरक्षा परिषद लेती है। सुरक्षा परिषद में पांच स्थाई सदस्य (अमेरिका, चीन, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन), जबकि 10 अस्थाई सदस्य हैं। सभी स्थायी सदस्यों की सहमति के बाद ही किसी भी व्यक्ति को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा सकता है। इस लिस्ट में नाम आने के बाद मुख्य तौर पर तीन तरह की कार्रवाई होती हैं।

  • जिस व्यक्ति को वैश्विक आतंकी घोषित किया जाता है, उसकी संपत्ति को जब्त करने का अधिकार सरकार को मिल जाता है। जिस भी देश में ऐसे व्यक्ति की संपत्ति होगी, उसे जब्त कर लिया जाएगा। ऐसा होने पर संबंधित व्यक्ति को किसी भी तरह की फाइनेंशियल मदद मिलने पर भी रोक लगाई जाती है।
  • वैश्विक आतंकी घोषित होने वाले शख्स के यात्रा करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाता है। उसे कोई भी देश अपनी सीमा में प्रवेश नहीं देता। वो जिस देश में रहता है, वहां भी उसे किसी तरह की यात्रा करने की अनुमति नहीं होती है।
  • यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऐसे व्यक्ति को किसी भी तरह से हथियार न मिलें। सभी हथियारों की आपूर्ति और खरीद-फरोख्त को रोका जाता है। इसमें छोटे से लेकर बड़े हथियार तक शामिल होते हैं।
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