अमेरिकी सेना पर आरोप- आतंकी की जगह किसान को मारा:सीरिया में अलकायदा लीडर पर US स्ट्राइक के 16 दिन बाद आर्मी बोली- जांच करेंगे

By Abhishek Raghuvanshi
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तस्वीर में सीरियास में अमेरिका की स्ट्राइक के बाद उठे धूल और धूएं को गुबार को देखा जा सकता है। (सोर्स – वॉशिंगटन पोस्ट)

अमेरिका की सरकार एक ऐसे मामले की जांच करेगी जिसमें उसकी सेना पर अलकायदा लीडर की बजाए एक गरीब किसान को मारने के आरोप लगे हैं। सेना ने ये स्ट्राइक 3 मई को सीरिया के कुरकानिया गांव में की थी।

शुक्रवार को अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मेजर जोन मूर ने कहा- हम सीरिया में स्ट्राइक के नतीजे की जांच कर रहे हैं। इस बात का पता लगाया जाएगा कि क्या इसमें आम नागरिक की मौत हुई थी या नहीं।

तस्वीर में हमले के बाद के विजुअल्स को देखा जा सकता है। इसमें एक व्यक्ति स्ट्राइक के बाद एक कपड़े से बॉडी कवर कर रहा है। (सोर्स -वॉशिंगटन पोस्ट)

स्ट्राइक के चंद घंटों बाद उसमें मरने वाले गरीब किसान के भाई 72 साल के मोहम्मद मस्तो ने अमेरिकी सेना के हमले पर सवाल उठाए थे। उसने बताया था कि स्ट्राइक में उसके 56 साल के भाई लोत्फी हसन मस्तो की मौत हुई थी। वो कोई अलकायदा का लीडर नहीं था। बल्कि शांति से अपने 10 बच्चों और पत्नी के साथ रहता था।

तस्वीर अमेरिकी स्ट्राइक में मारे गए सीरिया के गरीब किसान लोत्फी हसन मस्तो की है। (सोर्स -वॉशिंगटन पोस्ट)

अमेरिकी सेना ने हैलफायर मिसाइल से किया था हमला
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक 56 साल के मस्तो के बारे में गांव वालों ने कहा कि उसने पूरी जिंदगी गरीबी में गुजारी। अमेरिका के अटैक के दौरान वो अपनी भेड़ चरा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस पर हैलफायर मिसाइल से हमला हुआ है।

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वहीं अमेरिकी डिफेंस के अधिकारी ने बताया है कि वो पूरी तरह यकीन नहीं है कि हमले में अलकायदा का लीडर ही मारा गया है। वहीं पेंटागन ने स्ट्राइक से जुड़ी और जानकारियां देने से इनकार कर दिया।

मैप में अमेरिका की स्ट्राइक की लोकेशन देखें…

मिडल ईस्ट में अमेरिका की स्ट्राइक पर हमेशा से सवाल
2021 में अमेरिकी न्यूजपेपर न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक जांच की थी। जिसमें पेंटागन की डॉक्यूमेंट्स का हवाला देते हुए बताया गया था कि मिडल ईस्ट में अमेरिका ने कई ऐसी एयर स्ट्राइक की हैं, जिसमें आतंकियों की बजाए 1300 आम नागरिकों की मौत हुई। हालांकि, इसके जिम्मेदार किसी भी अधिकारी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।

सीरिया में आतंक मिटाने के नाम पर सालों से अमेरिका स्ट्राइक कर रहा है। 2016 में जुलाई में अमेरिका ने दावा किया था कि उसके हमले में इस्लामिक संगठन के 85 लड़ाके मारे गए। बाद में खुलासा हुआ कि स्ट्राइक में लड़ाकों की बजाए सीरिया के 120 गांव वाले लोगों की मौत हुई। सिर्फ सीरिया ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान और ईराक से भी इस तरह की कई रिपोर्ट्स आई हैं।

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