अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलेंगे एस जयशंकर:मुलाकात से पहले US बोला- कनाडा विवाद पर हमारा रुख साफ; भारत जांच में सहयोग करे

By Abhishek Raghuvanshi
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खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से कनाडा और भारत में विवाद जारी है। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर आज अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से न्यूयॉर्क में मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। इससे पहले दोनों विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली यानी UNGA के सेशन के दौरान मिले थे। तब कनाडा और निज्जर को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने ये नहीं बताया कि एंटनी ब्लिंकन और जयशंकर के बीच किन मुद्दों पर चर्चा होगी। हालांकि, जब उनसे भारत-कनाडा पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर अमेरिका का रुख साफ है। हम भारत से मांग करते हैं कि वो निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा का सहयोग करें।

भारत सरकार कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों की पहचान करके उनका ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड को कैंसिल करने की तैयारी में है।

भारत-कनाडा विवाद पर अब तक अमेरिका का रुख
18 सितंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया था। इसके बाद अमेरिका ने कहा था कि वो दोनों पक्षों के संपर्क में हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

इसके बाद 22 सितंबर को अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) जेक सुलिवन ने व्हाइट हाउस में मीडिया से कहा कि वह इस हत्या के मामले में भारत के खिलाफ जांच में कनाडा के प्रयासों का समर्थन करते हैं। सुलिवन ने कहा था कि कोई भी देश हो इस तरह के कामों के लिए किसी को भी स्पेशल छूट नहीं मिलेगी। इसी दिन अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका हत्या पर जवाबदेही चाहता है। ब्लिंकन ने एक प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा था- प्रधानमंत्री ट्रूडो द्वारा लगाए गए आरोपों से हम बेहद चिंतित हैं।

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24 सितंबर को न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया कि निज्जर की हत्या के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कनाडा को इंटेलिजेंस इकट्ठा करने में मदद की थी। इसी के आधार पर कनाडा को यह निष्कर्ष निकालने में मदद मिली कि भारत इसमें शामिल था। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत पर आरोप लगाते समय कनाडा ने जिस खुफिया रिपोर्ट का हवाला दिया था, वह उसने खुद जुटाई थी।

जयशंकर बोले- कनाडा में हमारे डिप्लोमैट्स को धमकाया जाता है

विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को डिस्कशन एट काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशन्स में कनाडा के साथ रिश्तों पर बात की।

UN को संबोधित करने के बाद मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने डिस्कशन एट काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशन्स में कई सवालों के जवाब दिए थे। इस दौरान उन्होंने कनाडा के साथ तनाव के अलावा चीन, रूस और मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दों पर अपना पक्ष रखा था। जयशंकर ने कहा था कि कनाडा में अलगाववादी ताकतें, हिंसा और उग्रवाद से जुड़े अपराध पनप रहे हैं।

जयशंकर ने कहा- कनाडा में हमारे डिप्लोमैट्स को डराया-धमकाया जाता है, हमारे कॉन्सुलेट पर हमले होते हैं। इन सबको ये कहकर सही ठहरा दिया जाता है कि लोकतंत्र में यही होता है। यदि कोई ऐसी घटना है जो एक परेशानी का मुद्दा है और कोई मुझे एक सरकार के रूप में कुछ जानकारी देता है, तो मैं उस पर जरूर गौर करूंगा।

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