अमेरिका में कर्ज की सीमा बढ़ाने पर सरकार और विपक्षी पार्टी के बीच कोई डील फाइनल नहीं हो पा रही है। इस बीच ट्रेजरी सेक्रेटरी जेनेट एल येलेन ने कहा है कि अमेरिका 5 जून तक दिवालिया हो सकता है। यानी सरकार के पास केवल 5 जून तक देश को चलाने का पैसा बचा है। पहले ये तारीख 1 जून बताई गई थी।
वहीं, अमेरिका का सरकारी खजाना पिछले 6 सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। गुरुवार को अमेरिकी ट्रेजरी का कैश बैलेंस 3 लाख करोड़ रुपए हो गया जो मंगलवार को 4 लाख करोड़ रुपए था।
तेजी से बंद हो रहे डिफॉल्ट होने से बचने के दूसरे रास्ते
अमेरिका को डिफॉल्ट होने से बचाने का एकमात्र उपाय विपक्ष को साथ लेकर सरकार के कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाना है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार शाम को कहा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि हालात बेहतर होंगे। आज रात तक डील फाइनल हो जाएगी’।
वहीं, सरकार के पास डील के अलावा देश को डिफॉल्ट होने से बचाने के दूसरे रास्ते बंद होते जा रहे हैं। सरकार के पास इमरजेंसी के हालातों में इस्तेमाल होने वाला पैसा जो कभी 335 बिलियन डॉलर यानी 27 लाख करोड़ हुआ करता था अब घटकर केवल 67 बिलियन डॉलर यानी 5 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
व्हाइट हाउस में हो रही मैराथन मीटिंग
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को दिवालिया होने से बचाने के लिए सरकार और विपक्षी पार्टी के नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में एक के बाद एक मैराथन मीटिंग हो रही हैं। बाइडेन देर रात तक व्हाइट हाउस के वेस्ट विंग में अपने सलाहकारों से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद अब तक कोई डील नहीं पाई है। शुक्रवार को रिपब्लिकन पार्टी के रिप्रजेंटेटिव पैट्रिक टी मैक हेनरी ने कहा- एक के बाद एक रात हम यहां जुटते हैं, हर कोई बातचीत की डिटेल चाह रहा है।
उन्होंने कहा सब लोग एक ट्वीट का इंतजार कर रहे हैं। जबकि मैं एक ऐसा एग्रीमेंट चाहता हूं जो इस देश को नई दिशा दे सके। दरअसल, पैट्रिक अमेरिका की निचली सदन के स्पीकर केविन मैकार्थी के साथ मिलकर डील फाइनल करने का काम कर रहे हैं।
बाइडेन के एजेंडा में 14% की कटौती चाहते हैं रिपब्लिकन
अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बाइडेन की पार्टी के सांसदों की संख्या कम है। ऐसे में विपक्षी दलों को बाइडेन मना रहे हैं। ट्रंप की पार्टी के सांसदों की मांग है कि बाइडेन सरकार खर्च कम करे। तभी वो कर्ज बढ़ाने का समर्थन देंगे। अप्रैल में रिपब्लिकन पार्टी ने एक बिल पास किया था जिसमें ये प्रस्ताव रखा गया था कि अगर बाइडेन अपने हेल्थ, क्लाइमेट चेंज और सोशल प्रोग्राम जैसी योजनाओं में 14% की कटौती करने को तैयार हैं तो वो कर्ज की सीमा को बढ़ा देंगे।
हालांकि, बाइडेन ये प्रस्ताव मानने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। अगले साल अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में ये बजट घाटे पर विवाद बाइडेन की पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। रिपब्लिकन लगातार अर्थव्यवस्था पर डेमोक्रेट्स को घेर रहे हैं।
सरकार को 726 बिलियन डॉलर का उधार चाहिए
दरअसल, अमेरिका में सरकार के कर्ज की एक सीमा तय होती है। वो देश चलाने के लिए उससे ज्यादा उधार नहीं ले सकती है। बीते सालों में सरकार को कैशलेस होने से बचाने के लिए ये सीमा कई बार बढ़ी है। अमेरिका की ओर से इस तिमाही में 726 बिलियन डॉलर की राशि उधार लेने का लक्ष्य रखा गया है। यह जनवरी में पेश किए गए अनुमान से 449 बिलियन डॉलर अधिक है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का बजट घाटा बहुत ज्यादा है। इसका मतलब ये हुआ कि सरकार का खर्च उसकी कमाई से कहीं ज्यादा है। इसके चलते उसे अपने कामकाज के लिए कर्ज लेना पड़ता है।
अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के मुताबिक मार्च 2023 में वहां की सरकार का बजट घाटा 30 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। रिसर्च सेंटर PEW के मुताबिक 2022 में अमेरिका की GDP पर 121% का कर्ज था। इससे समझा जा सकता है कि वहां की सरकार अपने खर्चों के लिए किस हद तक कर्ज पर निर्भर करती है।
