अफगानिस्तान से वापसी के लिए ट्रम्प जिम्मेदार:बाइडेन सरकार का दावा- 2020 में तालिबान से की थी डील, ट्रम्प बोले- ये ब्लेम गेम खेल रहे

By Abhishek Raghuvanshi
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2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी के बाद पहली बार सरकार की तरफ से कोई रिव्यू रिपोर्ट पेश की गई है।

अमेरिका में बाइडेन सरकार ने अफगानिस्तान से वापसी के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासन तरफ से जारी की गई एक 12 पेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि बाइडेन ने तालिबान और अमेरिका की वापसी को लेकर जो फैसले लिए उसके लिए वो मजबूर थे। 2020 में ट्रम्प सरकार और तालिबान में हुए समझौते के चलते उनके हाथ बंधे हुए थे।

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अमेरिकी सरकार को नागरिकों को निकालने का काम पहले ही शुरू कर देना चाहिए था। रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में बैठे बेवकूफों ने गलत जानकारी फैलाने का नया खेल शुरू किया है, जिसका नाम है ‘ब्लेम ट्रम्प’। अफगानिस्तान में अमेरिका के फेल्योर और सरेंडर के लिए सिर्फ बाइडेन जिम्मेदार हैं और कोई नहीं।

अफगानिस्तान सरकार के गिरने के बाद अमेरिका ने हजारों अफगानियों को देश छोड़ने में मदद की थी।

ट्रम्प सरकार के फैसलों के आगे मजबूर थे बाइडेन
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के दौरान अमेरिका के फैसलों और वापसी को लेकर स्टेट डिपार्टमेंट और पेंटागन ने एक रिपोर्ट तैयार की। गुरुवार को उन्होंने प्राइवेटली ये रिपोर्ट अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी। इसके बाद रिपोर्ट की समरी पब्लिक के सामने रखी गई। बाइडेन सरकार के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने अराजकता के लिए अफगानिस्तान में पहले से चल रहे ट्रम्प प्रशासन के कमजोर ऑपरेशन को जिम्मेदार ठहराया।

2020 में कतर में हुई थी ट्रम्प और तालिबान में डील
रिपोर्ट में अफगानिस्तान में ट्रम्प प्रशासन के नेग्लिजेंस और कुछ मामलों में उनके जानबूझकर पीछे हटने का जिक्र किया गया है। किर्बी ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति और तालिबान के बीच 2020 में कतर में एक एग्रीमेंट हुआ था। इसके तहत उन्होंने अफगानिस्तान में जंग खत्म करने और अमेरिकी फौज की वापसी पर सहमति जताई थी। इस दौरान हजारों तालिबानी कैदियों की रिहाई को भी मंजूरी दी गई थी।

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अफगानिस्तान से वापसी पर अमेरिका की हुई थी आलोचना
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद बाइडेन सरकार को दुनियाभर में आलोचना का सामना करना पड़ा था। कई देशों ने अमेरिका द्वारा अफगानियों को अकेला छोड़ने और वहां अमेरिकी हथियार छोड़कर भागने पर गुस्सा व्यक्त किया था। अफगान सरकार के गिरने के बाद हजारों लोग देश छोड़ने के मकसद से काबुल एयरपोर्ट पहुंचे थे।

अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए थे 10 नागरिक
26 अगस्त 2021 को तालिबान ने 2 सुसाइड बॉम्बर के जरिए एयरपोर्ट पर अटैक किया था। इसमें 170 अफगान सहित 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी। कुछ दिन बाद अमेरिका ने काबुल में जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल दागी, लेकिन इस हमले में 7 बच्चों सहित 10 आम नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद अमेरिका और तालिबान के बीच समझौता हुआ और US फोर्स 30 अगस्त को अफगानिस्तान से लौट गई।

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