औषधि निरीक्षक के निरीक्षण के बाद सहायक आयुक्त ने निलंबित किए 25 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

दवा विक्रेता एसोसिएशन ने औषधि निरीक्षक से मिल रखा अपना पक्ष दर्ज कराया विरोध

जांच के बाद जारी नोटिस का जवाब देने के बाद भी लाइसेंस का निलंबन किए जाने का आदेश व्यापारियों ने उत्पीड़न बताया

उन्नाव। औषधि निरीक्षक अशोक कुमार द्वारा जिले में मेडिकल स्टोर की चेकिंग का अभियान चलाया जा रहा है।जिसमे अब तक लगभग 25 मेडिकल स्टोर जांच के दौरान खामियों के दायरे में आए। जिस पर औसत निरीक्षक द्वारा दवा दुकान संचालकों को नोटिस देकर उक्त खामियां दूर कर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। जिस पर सभी मेडिकल स्टोर संचालकों ने स्पष्टीकरण भी दे दिया था। औषधि निरीक्षक ने स्पष्टीकरण के साथ निरीक्षण व्याख्या सहायक आयुक्त औषधि प्रशासन को भेज दी थी जिसके बाद सहायक आयुक्त ने जिले के 25 मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित कर स्टोर बंद कर 15 दिन में खामियां दूर करने को कहा है उसके बाद आदेश की नोटिस दवा दुकानदारों के पास पहुंचने पर दवा दुकानदार परेशानी में पड़ गए हैं।

जिस पर उन्नाव दवा एसोसिएशन के अध्यक्ष मयंक बाजपेई के साथ पहुंचे दवा दुकानदारों ने औषधि निरीक्षक से मिलकर अपना पक्ष रखा कर आदेश को लेकर विरोध दर्ज कराया और स्पष्टीकरण के रूप में मांगी गई सूचना का जवाब देने के बावजूद और सभी कमियां दूर कर लेने की जानकारी देने के बावजूद लाइसेंस निलंबन का आदेश किया जाना दवा दुकानदारों का मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न है।

- Advertisement -

इस संबंध में जब औषधि निरीक्षक अशोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त कार्रवाई सहायक आयुक्त द्वारा की गई है इसमें मेरी कोई संतुष्टि नहीं है और दोबारा जो जवाब मांगा गया है, उसका पत्र दवा दुकानदारों के द्वारा मुझे मिल जाने के बाद मैं उसे सहायक आयुक्त को भेज दूंगा।

दवा एसोसिएशन के अध्यक्ष मयंक बाजपेई ने बताया कि उक्त कार्रवाई के विरोध में एक ज्ञापन सदस्य विधान परिषद अरूण पाठक को दिया जाएगा और उक्त समस्या के विषय में अवगत करवा कर उसके निराकरण की मांग की जायेगी।

इतनी बड़ी संख्या में दवा दुकानों के निलंबन से जनहित में दवा बिक्री और जरूरत मंदों को दवा उपलब्धता प्रभावित रो रही है।

Exit mobile version