21 हजार कुल्हड़ों को रीयूज कर महाराणा प्रताप का सबसे बड़ा पोट्रेट

By Abhishek Raghuvanshi
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अनूठे कामों के लिए इंदौर के युवा अलग पहचान बना रहे हैं। नया मामला इस्तेमाल किए जा चुके 21 हजार कुल्हड़ों को रीयूज कर महाराणा प्रताप का सबसे बड़ा पोट्रेट बनाने का है। इसे इंद्रपुरी में शिव मंदिर के पास बनाया है। करीब 1900 वर्गफीट की तस्वीर को लोग इसे अगले दो दिन तक देख सकेंगे।

युवाओं ने बताया आसपास के कैफे से इन कुल्हड़ को इकट्‌ठा किया गया। दावा किया है कि महाराणा प्रताप की यह मिट्टी के कुल्हड़ से बनी विश्व की सबसे बड़ी तस्वीर है। इसे बनाने में करीब 15 घंटे का समय लगा और 15 लोगों की टीम ने इसे बनाया।

ऐसे आया आइडिया

आर्ट गैलेक्सी इंदौर के अतुल सिंह पटेल ने बताया कि कैफे वाले कुल्हड़ को यूज करके फेंक देते हैं। हमने सोचा कि ग्रीन इंदौर के लिए री-साइकिल करके कुछ बनाया जा सकता है। आसपास के कैफे से हमने ये कुल्हड़ इकट्‌ठा किए और उनको साफ किया और फिर उसे री-यूज किया। ये कलाकृति 24 मई तक लोगों के देखने के लिए रहेगी। इसके बाद इसे किसी नदी किनारे या घर की मिट्‌टी में रखेंगे। करीब 21 हजार कुल्हड़ का यूज पोट्रेट बनाने के लिए किया गया है।

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अतुल ने बताया कि वो शहर के कई कैफे में अक्सर जाते रहते हैं। साथ ही इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव के एक प्रोग्राम में भी वो गए थे, जिसमें ग्रीन इंदौर को लेकर चर्चा हुई थी। वहां से उन्हें आइडिया आया की कैफे में जिन कुल्हड़ को फेंक दिया जाता है, उनका उपयोग करके कुछ बनाया जा सकता है। करीब पंद्रह से बीस दिन का समय कुल्हड़ को इकट्‌ठा करने में लगा। दो कैफे वालों को इसके लिए पूर्व में बताया गया था। उनकी मदद से ही यूज किए गए कुल्हड़ मिले। जिन्हें बाइक और ऑटो की मदद से रविवार को लगाया गया और पोट्रेट बनाया गया।

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