इंदौर में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश औद्योगिक केंद्र विकास निगम याने के एमपी ए.के.वी.एन. द्वारा इंदौर से पीथमपुर तक इकोनामिक कॉरिडोर निकालने की योजना पर कार्य हो रहा है। जहां कई किसानों की जमीनों से होकर इस कॉरिडोर की योजना बन रही है।
जिसको लेकर इंदौर प्रेस क्लब में जिले के करीब 16 से अधिक गांव के किसानों ने प्रेस वार्ता कर, सरकार की नीति पर सवाल उठाए और कहा कि शासन गलत तरीके से मीडिया में खबरें फैला कर किसानों को भयभीत करने का काम कर रहा है। किसान नेताओं ने ए.के.वी.एन. और IDA पर भी कई गंभीर आरोप लगाए , उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के लोग जनप्रतिनिधि नहीं है, जो विकास कार्यों को लेकर किसानों की जमीन का फैसला कर रहे हैं। किसानों ने मामले में इस योजना को निरस्त करने को लेकर 15 दिन का समय दिया है। उनके अनुसार यदि समय के अंतर्गत सरकार ने उनकी नहीं सुनी तो किसान समुदाय आगामी चुनाव का बहिष्कार करने के साथ ही खुलकर सत्ताधारी दल के खिलाफ हो जाएगा। आपको बता दें कि इकोनामिक कॉरिडोर की योजना से लेकर नैनोद, रिजलाई, सोनवाय आदि कई गांव के किसान प्रभावित हो रहे हैं।
