शेयर मार्केट में नुकसान के बाद रुपये ना देना पड़े इललिए रचा था षड्यंत्र, पुलिस ने पिता सहित दोनों बेटों को किया गिरफ्तार।
व्यवसायी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि दो बदमाश रुपयों से भरा उसका बैग लूट ले गए।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे तो व्यवसायी खुद ही बाइक गिराता नजर आया।पुलिस ने व्यवसायी और बेटों से पूछताछ की तो उनकी विरोधाभासी बातें सामने आई।
हाटपीपल्या के हार्डवेयर व्यवसायी ने अपने बेटों से ही खुद के साथ लूट करवाकर झुठा षड्यंत्र रचा, ताकि उसे शेयर मार्केट में हुए नुकसान के पैसे नहीं देना पड़े। इसके बाद थाने जाकर रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी। भंवरकुआं थाना पुलिस ने जब आरोपितों की तलाश कर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आई।
दरअसल, प्रशांत पुत्र श्रीकृष्ण अग्रवाल (55) ने पुलिस को बताया था कि आठ अगस्त को रात आठ बजे दो अज्ञात बदमाश बैग छीनकर ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो प्रशांत और बेटों से पूछताछ में विरोधाभासी बातें सामने आ रही थी। प्रशांत ने बैग को गले में डालकर बाइक की टंकी पर रखना बताया, जबकि बैग टंकी पर रखा था, साथ ही जिस समय घटना हुई तब बाइक भी धीमी गति में थी। लूट के दौरान भी प्रशांत ने कोई विरोध नहीं किया और सीसीटीवी फुटेज में भी वह स्वयं ही बाइक को गिराता हुआ दिखाई दे रहा था। इससे पुलिस को शंका हुई।
शेयर मार्केट में हुआ था दो करोड़ रुपये का घाटा
टीम ने प्रशांत और उसके बेटे योगेश और अमन से जब विस्तृत रूप से बिंदुवार पूछताछ की तो बेटे योगेश ने बताया कि शेयर मार्केट में दो करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इंदौर के व्यवसायी हुसैन व हुजैफा को रुपये देना थे। रुपये नहीं देना पड़े, इसलिए लूट की साजिश की थी। साथ ही प्रशांत ने लूट में तीन लाख रुपये बताए थे, जबकि वह अपने साथ 7.20 लाख रुपये लेकर निकला था। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
जिन्हें रुपये देना थे उनसे कहा- मेरे साथ लूट हो गई
पुलिस के मुताबिक, प्रशांत रुपयों से भरा बैग लेकर बाइक से घर से निकला और पीछे दोनों बेटे भी निकले। पालदा में दोनों बेटों ने बैग उठा लिया और इंदौर की तरफ भागे। इसके बाद प्रशांत को जिन लोगों को रुपये देना थे, उन्हें फोन लगाकर बोला कि मेरे साथ लूट हो गई है। इसके बाद बेटे वापस अपने घर चले गए और रुपये रखकर वापस कार से इंदौर आ गए
