
सात वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले 57 वर्षीय दुष्कर्मी को विशेष न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़ित बालक को 50 हजार रुपये प्रतिकर दिलाए जाने की अनुशंसा भी की है।
वारदात 6 फरवरी 2021 को हुई थी। पीड़ित बालक के पिता ने द्वारकापुरी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपित शैलेष उर्फ राजा ने उसके बेटे को बिस्किट देने के बहाने कमरे पर बुलाया और उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। घबराए बालक ने यह बात अपनी मां को बताई। बाद में उसने यही बात अपने पिता को बताई, जिसके बाद मामला पुलिस थाने पहुंचा। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भादवि की धारा 377 और पाक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
विभिन्न धाराओं में सुनाई सजा
जिला अभियोजन (मीडिया प्रभारी) अभिषेक जैन ने बताया कि शुक्रवार को विशेष न्यायालय ने इस प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए दुष्कर्मी शैलेष उर्फ राजा को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5 एवं सहपठित धारा 6 में 20 वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने पीड़ित को 50 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाए जाने की अनुशंसा भी की है।
