
एक शादीशुदा महिला से मित्रता करने के बाद उससे शारीरिक संबंध बनाकर धर्म बदलने के लिए प्रताड़ित करने वाले को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय से इस मामले में दो साल की सजा दी थी और अर्थदंड भी किया था। इस पर आरोपी ने हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने फैसले में कहा कि यह मामला संवेदनशील है। धर्म विशुद्ध रूप से आस्था से जुड़ा मामला होता है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की कम से कम एक वर्ष की सजा को यथावत रखा जाता है। वहीं अर्थदंड भी चुकाना होगा।
आरोपी रेहान पिता आजम खान के खिलाफ पुलिस ने धर्म बदलने का दबाव डालने सहित अन्य अपराधों में केस दर्ज किया था। पुलिस ने जांच कर जिला एवं सत्र न्यायालय में चालान पेश किया था। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को सजा और अर्थदंड किया था। इस कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में आरोपी ने अपील पेश की थी। शासन की ओर से अधिवक्ता राजेश जोशी ने आपत्ति पेश की।
पिछले साल पुलिस ने दर्ज किया था केस
30 नवंबर 2022 को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी द्वारा महिला पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में वह बाहर आया तो महिला को और प्रताड़ित किया जा सकता है। ट्रायल कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसमें किसी तरह की त्रुटि नहीं है। फैसले को यथावत रखा जाए। वहीं आरोपी की ओर से कहा गया कि जिला कोर्ट ने फैसला देते वक्त कई तथ्यों पर गौर ही नहीं किया। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसले में कहा कि आरोपी को जितना समय जेल में हो गया है सिर्फ उसे कम किया जाए। बाकी सजा यथावत रहेगी।
