महाराष्ट्र में चुनाव चिन्ह को लेकर शिवसेना 9 महीने पहले एकनाथ शिंदे को गंधार बताते हुए उसका पुतला दहन किया गया उनका आरोप है कि एकनाथ शिंदे ने भाजपा की गोद में बैठ कर 40 विधायकों के साथ भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाए सरकार बनाने के बाद भी नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर बात चली तब पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग को पूरा मामला भेजा जहां गृहमंत्री 19 तारीख का महाराष्ट्र में दौरा था और उसके बाद 18 तारीख के बाद अचानक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम दिया जिसका विरोध देशभर में किया जा रहा है वहीं इसी को लेकर नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को इंदौर के हृदय स्थल राजवाड़े पर एकनाथ शिंदे का पुतला दहन किया और इस दौरान गद्दार एकनाथ शिंदे के नारे लगाए वह वह कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम स्विच किया जाए जो हमको शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे और एकनाथ शिंदे को बालासाहेब केशिवसेना भाजपा के गोद में बैठकर चुनाव आयोग चल रहा है यह पूरा देश जानता है इसी से नाराज शिवसेना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का पुतला फूंका मांग की है कि चुनाव आयोग चुनाव चिन्ह और नाम को स्विच किया जाए और जो वर्तमान में चुनाव चिन्ह दिए हैं उसी के आधार पर चुनाव लड़े फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट नितिन सप्ताह का समय दिया है जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट के पता चले कि देशभर में शिवसेना इसका विरोध कर एकनाथ शिंदे का विरोध कर रही है
