मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी राजनीतिक पार्टी भाजपा का महिलाओं के अधिकार को लेकर दोहरा आचरण है एक तरफ तो वे खुद को महिला हितेषी बताते हैं वहीं दूसरी तरफ महिलाओं के कानूनी रूप से प्राप्त दस्तावेजों अधिकारों में रोड़ा बन जाते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व मीडिया पैनल लिस्ट प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने लगाये आरोप
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व मीडिया पैनल लिस्ट एवं एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया की महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी के सहस्वामित्र बनाने के लिए कांग्रेस ने जो कदम उठाए थे उसे जीसी शिवराज सिंह चौहान सरकार ने दरकिनार कर दिया। कांग्रेसी की दिग्विजय सिंह सरकार ने महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी सहस्वामित्र के लिए 1 फ़ीसदी स्टांप ड्यूटी एवं 1 फ़ीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क की व्यवस्था की थी। इसके बाद कांग्रेस की ही कमलनाथ सरकार ने 29 जून 2019 को गजट नोटिफिकेशन (263) कर इस व्यवस्था को मात्र ₹1000 व ₹100 फीस करके महिलाओं के हित में क्रांतिकारी कदम उठाया था. लेकिन शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने कमलनाथ सरकार के इस फैसले पर ऐसा अड़ंगा लगाया है। कि दस्तावेजों की नामांतरण प्रक्रिया ही रुक गई है। मध्यप्रदेश में अधिकांश नगर पंचायत, नगर पालिका, ग्राम पंचायत, नगर परिषद एवं नगर निगम नामांतरण नहीं कर रहे हैं।
