शक्ति की गुप्त उपासना का पर्व आषाढ़ नवरात्र आज से, मंदिरों में अनुष्ठान

By Abhishek Raghuvanshi
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  • नवरात्र के दौरान 21 जून को पुष्य नक्षत्र और त्रिपुष्पकर योग भी बनेंगे। शहर के देवी मंदिरों में होंगे कई

शक्ति की गुप्त उपासना का नौ दिनी पर्व आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्र 19 से प्रारंभ होकर 27 जून तक रहेगी। इस दौरान मां दुर्गा की उपासना के साथ ही जगन्नाथ रथयात्रा भी निकाली जाएगी। नवरात्र का समापन भड़ली नवमी के दिन 27 जून को होगा। भड़ली नवमी को अबूझ मुहूर्त में से एक माना जाता है। इसके बाद वैवाहिक आयोजन पर पांच महीने के लिए विराम लग जाएगा। पर्व के दौरान 21 जून को पुष्य नक्षत्र और त्रिपुष्पकर योग भी बनेंगे। इस दौरान मंदिर में विभिन्न आयोजन होंगे।
एयरपोर्ट रोड स्थित बिजासन माता मंदिर, विजय नगर चौराहा स्थित कालका माता मंदिर और श्रीविद्याधाम एरोड्रम रोड पर विभिन्न अनुष्ठान होंगे। काली मंदिर खजराना के पुजारी गुलशन अग्रवाल ने बताया कि इस नवरात्र में सभी प्रकार के यंत्रों व मंत्रों तथा तंत्र की सिद्धि होती है। इसमें दस महाविद्याओं की साधना की जाएगी। इससे मनोकामना की पूर्ति होती है। ज्योतिर्विद कान्हा जोशी के अनुसार, नवरात्र की शुरुआत सोमवार के दिन हो रही है। 20 जून द्वितीया को जगन्नाथ रथयात्रा निकलेगी। 21 जून को पुष्कर नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग बनेगा। 22 को विनायक चतुर्थी और 23 को पंचमी और 24 को कुमार षष्ठी होगी। 25 को सप्तमी और 26 को अष्टमी तथा 27 जून को नवमी पूजन किया जाएगा।

सग्रहमख हवन के अनुष्ठान होंगे
एरोड्रम रोड स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर आषाढ़ मास गुप्त नवरात्र के दौरान गृह शांति हवन, सग्रहमख हवन एवं दुर्गा सप्तशती पाठ सहित विभिन्न अनुष्ठान होंगे। आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, दिनेश शर्मा एवं संजय पंडित ने बताया कि आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र में प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक गृहशांति एवं सग्रहमख हवन तथा सुबह-शाम दुर्गा सप्तशती पाठ जैसे अनुष्ठान भी होंगे।

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