लिवर की बीमारी के लिए उपयोगी इंजेक्शन की कमी, सात हजार है कीमत

By Abhishek Raghuvanshi
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  • एमवाय अस्पताल के बाहर से खरीदकर लाने पर मजबूर मरीज, डेढ़ माह से परेशनी।
  • एमवाय अस्पताल में दवाइयों की कमी से मरीजों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • प्रतिदिन पांच से अधिक मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें इंजेक्शन की आवश्यकता होती है
  • यह एल्बुमिन इंजेक्शन है, जो लिवर के गंभीर डैमेज होने पर उपयोगी होता है।

इंदौर। एमवाय अस्पताल में दवाइयों की कमी से मरीजों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में अस्पताल में लिवर के मरीजों के लिए उपयोगी इंजेक्शन की कमी चल रही है। इससे गरीब मरीजों के स्वजन परेशान हैं। यह इंजेक्शन बाजार में करीब सात हजार का मिलता है।

प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है, जबकि इंजेक्शन की कमी करीब डेढ़ माह से चल रही है। यह इंजेक्शन आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों को मिलता है, लेकिन अस्पताल में कमी के कारण वह इसका लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं। कई बार मरीज इसकी शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है।

यह एल्बुमिन इंजेक्शन है, जो लिवर के गंभीर डैमेज होने पर उपयोगी होता है। बता दें कि अस्पताल में ऐसे करीब पांच मरीज प्रतिदिन आते हैं, जिन्हें इस इंजेक्शन ही आवश्यकता होती है। इस संबंध में जिम्मेदारों का कहना है कि इंजेक्शन खरीदी के लिए आदेश दे दिए हैं।बड़वानी की आदिवासी महिला अपने 20 वर्ष के बेटे को आपरेशन के लिए एमवाय अस्पताल में लेकर आई है। आपरेशन के बाद उसे तीन इंजेक्शन की आवश्यकता थी, लेकिन स्वजन के पास पैसे नहीं थे। वह काफी परेशान हुए, इसके बाद सामाजिक संस्था की मदद से उन्हें इंजेक्शन मिल पाया है।

इंजेक्शन का यह होता है उपयोग
विशेषज्ञों के मुताबिक एल्बुमिन एक तरह का प्रोटीन होता है, जिसकी लिवर को आवश्यकता होती है। इसकी कमी पूरी करने के लिए एल्बुमिन इंजेक्शन मरीजों को लगाया जाता है। जिन मरीजों का लिवर 80 से 90 प्रतिशत तक डैमेज हो जाता है और पेट के अंदर बार-बार पानी भर जाता है, उन्हें यह इंजेक्शन लगाना ही पड़ता है।

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यह इंजेक्शन नहीं लगाने पर मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। इसका एक विकल्प और होता है, जिसमें रोगियों में प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए डाक्टर प्लाज्मा भी चढ़ा सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है। इसमें रोगी को चार यूनिट तक प्लाज्मा चढ़ाना पड़ता है।

हम इस समस्या का समाधान करने में लगे हुए हैं। जल्द ही इंजेक्शन की कमी दूर हो जाएगी।
-डा. जितेंद्र वर्मा, स्टोर इंचार्ज, एमवाय अस्पताल

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