- सनसनीखेज हत्याकांड में कोर्ट का फैसला। हत्यारों ने शव को कार की डिक्की में रखकर आग लगा दी थी।
- संचालक ने आरोपित को हास्टल में टाइल्स लगाने का काम सौंपा था। आरोपित पहले ही पूरा भुगतान मांग रहा था।
- आरोपित ने टाइल्स देखने के बहाने से हास्टल संचालक को बुलाया। इस दौरान फिर दोनों में रुपये को लेकर विवाद हुआ।
- आरोपित ने साथियों के साथ संचालक की हत्या कर दी और शव को कार की डिक्की में रखकर आग लगा दी।
इंदौर। वर्ष 2017 में हुए हास्टल संचालक के जघन्य हत्याकांड में तीन हत्यारों को सत्र न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारों ने पहले तो सब्बल से हमला कर हास्टल संचालक को मौत के घाट उतारा, फिर शव उसी की कार की डिक्की में रखकर कार सनावद ले गए। वहां उन्होंने कार को आग के हवाले कर दिया। झुलसने की वजह से शव पहचान में भी नहीं आ रहा था। बाद में मृतक के बेटे और पत्नी की डीएनए जांच करवाई गई, जिसके बाद मृतक की पहचान हो सकी।
सात नवंबर 2017 की रात करीब डेढ बजे हास्टल संचालक अनिल कुमार जैन के बेटे अंशुल ने भंवरकुआं पुलिस थाने पर उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अंशुल का कहना था कि उसके पिता यह बोलकर गए थे कि हास्टल में टाइल्स का काम कर रहे ठेकेदार दिलीप यादव ने उन्हें मूसाखेड़ी चौराहे पर टाइल्स दिलवाने के लिए बुलाया है। वे उससे मिलने अपनी कार एमपी 09 सीएन 8950 से गए थे। इसके बाद से वे नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है।
सनावद पुलिस ने दी थी इंदौर पुलिस को सूचना
शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस बीच भंवरकुआं थाना पुलिस को सनावद पुलिस से सूचना मिली कि खंडवा रोड पर ग्राम बासवा में एक कार जिसका नंबर एमपी 09 सीएन 8950, जल रही है। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। कार की डिक्की में बोरे में एक अज्ञात शव पूरी तरह से जला हुआ था। किन्हीं अज्ञात आरोपितों ने हत्या कर शव बोरे में बांधकर कार की डिक्की में छिपाकर कार को आग लगाई थी। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
पहले ही पूरा भुगतान मांग रहा था ठेकेदार
प्रकरण में जांच करते हुए पुलिस आरोपितों दिलीप पिता कल्लू यादव, भागचंद उर्फ रोहित और दीपक उर्फ कमलेश सभी निवासी इंदौर तक पहुंची। यह बात सामने आई कि आरोपित दिलीप को अनिल जैन ने अपने हास्टल में टाइल्स लगाने का काम दिया था। दिलीप ने कुछ रुपये ले लिए थे और वह काम के पहले ही पूरा भुगतान करने के लिए दबाव बना रहा था। इस बात को लेकर दिलीप और अनिल जैन के बीच कहासुनी भी हुई थी।
सबूत मिटाने के लिए कार में लगाई आग
घटना वाले दिन दिलीप ने टाइल्स पसंद करने के नाम पर अनिल जैन को कार से तीन इमली बुलाया। बाद में वह उन्हें अपने घर पर ले गया। वहां दिलीप और अनिल जैन के बीच रुपयों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में आरोपितों ने अनिल की सब्बल से हत्या कर दी। आरोपित अनिल के शव को उन्हीं की कार की डिक्की में रखकर कार सनावद की ओर ले गए। वहां उन्होंने सबूत मिटाने के उद्देश्य से कार में आग लगा दी।
सनावद में मिली थी मोबाइल लोकेश
प्रकरण में अभियोजन की तरफ से अपर लोक अभियोजक हेमंत राठौर ने पैरवी की। प्रकरण में घटना वाले दिन आरोपितों की मोबाइल लोकेशन सनावद क्षेत्र में मिली थी। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश जयदीप सिंह ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए आरोपित दिलीप पिता कल्लू यादव, भागचंद उर्फ रोहित, दीपक उर्फ कमलेश को धारा 302 एवं सहपठित धारा 120 बी भादंसं दोनों में आजीवन कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
